“पाश्चात्य प्रभाव से घटती संस्कृति-संस्कारों की भावना, वैदिक छात्र बनें संस्कृति के रक्षक : शास्त्री”

“पाश्चात्य प्रभाव से घटती संस्कृति-संस्कारों की भावना, वैदिक छात्र बनें संस्कृति के रक्षक : शास्त्री”

Written By: सुनील शर्मा
टेलीग्राफ टाइम्स
मई 1, 2025

(हरिप्रसाद शर्मा) पुष्कर/अजमेर।
वेद गुरुकुल श्री दिव्य मुरारी बापू आश्रम, गनाहेड़ा, पुष्कर में आयोजित छात्र संवाद कार्यक्रम में विश्व संस्कृत प्रतिष्ठान राजस्थान के प्रदेश महामंत्री रामकृष्ण शास्त्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी पाश्चात्य प्रभाव के चलते अपनी संस्कृति और संस्कारों से दूर होती जा रही है। आधुनिकता की दौड़ में भारतीय जीवन मूल्यों की उपेक्षा हो रही है। ऐसे समय में वैदिक छात्र समाज में संस्कृति के रक्षक की भूमिका निभा सकते हैं। उनका यह कर्तव्य है कि वे शास्त्र अध्ययन के साथ-साथ संस्कृति और संस्कारों के संवर्धन में भी योगदान दें।

कार्यक्रम में प्रांत संपर्क प्रमुख नेहरू पंडित ने कहा कि छात्रों को शास्त्रों के अध्ययन के साथ-साथ संस्कृत भाषा को अपनी दैनिक बातचीत की भाषा बनाना चाहिए। संस्कृत में संवाद और व्यवहार को बढ़ावा देना आज की आवश्यकता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के छात्रों द्वारा सामूहिक वेद मंगल शांति पाठ से हुआ।
विद्यालय के प्राचार्य वेद मूर्ति श्याम सुंदर शर्मा ने वेद विद्यालय की योजनाओं की जानकारी दी और सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया।

 

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