योगेश शर्मा
जयपुर: विद्याधर नगर स्थित प्रसिद्ध श्री पापड़ वाले हनुमान मंदिर में रविवार से नौ दिवसीय 108 कुण्डीय श्री राम महायज्ञ का विधिवत एवं भव्य शुभारंभ हो गया। 17 मई से 25 मई तक चलने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत एक विशाल एवं भव्य मंगल कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
2100 महिलाओं ने सिर पर धारण किया मंगल कलश
यज्ञ के प्रथम दिन रविवार प्रातः गौतम गार्डन से कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा में 2100 महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर शामिल हुईं। महिलाओं ने कलश में जल भरकर वैदिक मंत्रोचार के बीच पूजा-अर्चना की और फिर सिर पर मंगल कलश धारण कर यात्रा की शुरुआत की।
यह भव्य कलश यात्रा तपोनिधि महामंडलेश्वर स्वामी रामसेवकदास महाराज के सान्निध्य में आगे बढ़ी। यात्रा के लवाजमे में सजे-धजे ऊंट, घोड़े, बग्घियां और बैंडबाजे शामिल थे। बैंडबाजे की मधुर भजनों की धुनों पर झूमते-नाचते हजारों भक्तगण और संतों का काफिला जब मार्ग से गुजरा, तो पूरा क्षेत्र राममयी हो गया।
जगह-जगह हुआ पुष्प वर्षा से स्वागत
गौतम गार्डन से शुरू होकर यह यात्रा मुख्य मार्गों से होती हुई यज्ञ स्थल—श्री पापड़ वाले हनुमान मंदिर प्रांगण पहुंची। पूरे रास्ते में स्थानीय निवासियों और व्यापारिक संगठनों द्वारा कलश यात्रा का फूल बरसाकर भव्य स्वागत किया गया। भीषण गर्मी को देखते हुए जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पेय जल और शरबत की व्यवस्था भी की गई थी।
वैदिक मंत्रोचार के साथ दी गईं आहुतियां
इससे पूर्व, मुख्य आचार्य पंडित सतीश शास्त्री के निर्देशन में विद्वान पंडितों द्वारा मंगल कलशों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। इस अवसर पर महायज्ञ के मुख्य यजमान डॉ. पवन कुमार गुप्ता ने सपरिवार (जोड़े सहित) मुख्य वेदी पर बैठकर पूजा-अर्चना की।
यज्ञ के पहले दिन नित्यार्चन, मंडप प्रवेश और विभिन्न देवी-देवताओं के पूजन के बाद अग्नि प्रकट की गई और वैदिक मंत्रोचार के साथ यज्ञ में आहुतियां देने का सिलसिला शुरू हुआ, जिससे पूरा वातावरण शुद्ध और भक्तिमय हो गया। आगामी 25 मई तक चलने वाले इस महायज्ञ में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।