गौरव कोचर
जयपुर के हरमाड़ा थाना इलाके में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर 5 वर्षीय मासूम बालिका की हत्या का सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या की आरोपी पड़ोसन महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पानी भरने के मामूली विवाद और पति के साथ अवैध संबंधों के शक के चलते इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।
मुख्य बातें और वारदात की वजह
- विवाद की शुरुआत: अभियुक्ता और मृतका की मां के बीच कुछ समय पहले पानी भरने की बात को लेकर अनबन हुई थी, जिसमें मृतका की मां ने अभियुक्ता को पानी लेने से मना कर दिया था।
- अवैध संबंधों का शक: अभियुक्ता को शक था कि उसका पति अफरोज उर्फ फिरोज खान मृतका की मां से फोन पर बात करता है और दोनों के बीच नजदीकियां हैं।
- रंजिश और साजिश: इसी बात से परेशान होकर अभियुक्ता कई दिनों से हत्या की योजना बना रही थी। वह मृतका की मां को रोते हुए और दुख में देखना चाहती थी।
- शातिर चाल: वारदात को छुपाने के लिए अभियुक्ता करीब डेढ़ घंटे तक खुद कॉलोनी वालों के साथ मिलकर बच्ची को ढूंढने का नाटक करती रही, ताकि किसी को उस पर शक न हो।

वारदात का तरीका
दिनांक 13 जून 2026 को दोपहर करीब 12:06 बजे जब 5 वर्षीय मासूम बालिका खेलते हुए पड़ोस में रहने वाली अभियुक्ता गुडिया देवी के घर गई, तो उसने बच्ची को बहला-फुसलाकर उसके कपड़े उतार दिए। इसके बाद अभियुक्ता ने बच्ची को एक कंबल में लपेटकर अपने हाथों से उसका मुंह दबा दिया, जिससे दम घुटने के कारण मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात के बाद आरोपी महिला ने शव को कंबल और रजाई के नीचे दीवान (बॉक्स बेड) के अंदर छिपा दिया और ऊपर गद्दे बिछा दिए। उसका इरादा रात के समय बच्ची के नग्न शव को जंगल में फेंककर ठिकाने लगाने का था, ताकि मामले को दूसरा रूप दिया जा सके।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और खुलासा
बच्ची के पिता द्वारा हरमाड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद मु.नं. 294/2026 धारा 103 (1) बीएनएस 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण (IPS) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम राजेश गुप्ता एवं सहायक पुलिस आयुक्त चौमू अंजू यादव के सुपरविजन में थानाधिकारी उदय सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
घटनास्थल (श्री श्याम वाटिका, बैनाड रेलवे स्टेशन के पास) के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर बच्ची अभियुक्ता के घर जाती तो दिखी, लेकिन बाहर आते नहीं दिखी। शक गहराने पर जब पुलिस ने गुडिया देवी के घर की तलाशी ली, तो दीवान के अंदर से मासूम का शव बरामद हुआ। पूछताछ में महिला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उसकी निशानदेही पर बच्ची के कपड़े व चप्पल भी बरामद कर लिए गए हैं। इस पूरे खुलासे में सहायक उप निरीक्षक हरि सिंह, कांस्टेबल रामकिशोर (9608) और कांस्टेबल धर्मपाल (10004) की विशेष भूमिका रही।
गिरफ्तार अभियुक्ता का विवरण
- नाम: गुडिया पत्नी अफरोज उर्फ फिरोज खान (उम्र 30 साल)
- पता: मूल निवासी- गांव खाना, जिला भरतपुर; हाल निवासी- प्लाट नं. 150, श्री श्याम वाटिका, बैनाड, पुलिस थाना हरमाड़ा, जिला जयपुर।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
उदय सिंह (पु.नि. थानाधिकारी), हरि सिंह (एएसआई), राकेश कुमार (हैड कानि. 2039), दयाराम (कानि. 2668), महेन्द्र (कानि. 9344), हरिशंकर (कानि. 4907), सुरेश (कानि. 8803), रामकिशोर (कानि. 9608), धर्मपाल (कानि. 10004), सुनील कुमार (कानि. 10328) एवं राजकुमारी (महिला कानि. 10763)।