हरि प्रसाद शर्मा
जयपुर/अजमेर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पाकिस्तान से संचालित आतंकी और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ देशव्यापी अभियान के तहत राजस्थान में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शुक्रवार को जांच एजेंसी ने कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना और अजमेर से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद दोनों ही क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है।
नीमराना में सुबह की दबिश, ग्रामीणों में हड़कंप
जानकारी के अनुसार, एनआईए की टीम ने शुक्रवार सुबह कोटपूतली-बहरोड़ के नीमराना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले माधवसिंहपुरा गांव में स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त रूप से छापा मारा। टीम ने यहां के निवासी नंदकिशोर सैन के घर की घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद संदिग्ध को नीमराना थाने ले जाया गया, जहां सुरक्षा और जांच एजेंसियों के उच्च अधिकारी उससे सघन पूछताछ कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि नंदकिशोर सैन केशवाना की एक निजी कंपनी में काम करता है। शुक्रवार सुबह जब एकाएक एनआईए और स्थानीय पुलिस के 10 से 15 जवान उसके घर पहुंचे, तो पूरे गांव में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
गिरफ्तार आरोपी बेटे से जुड़े हैं तार
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नंदकिशोर सैन का नाम पहले भी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ चुका है। इसी साल 3 फरवरी को उसके बेटे शुभम सैन को कथित पाकिस्तान लिंक से जुड़े मामले में एनआईए ने गिरफ्तार किया था। शुभम पिछले करीब चार महीने से जेल में बंद है।
नंदकिशोर की पत्नी रामपति ने बताया कि उनका परिवार पिछले करीब एक महीने से उत्तर प्रदेश के सरोसा गांव में रह रहा था और नंदकिशोर महज एक दिन पहले ही नीमराना लौटे थे। एनआईए की टीम ने घर की सघन तलाशी ली और कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों सहित कुछ संदिग्ध सामान भी जब्त किया है।
अजमेर से भी संदिग्ध गिरफ्तार, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ाव की आशंका
इसी अभियान के तहत एनआईए ने दूसरी बड़ी कार्रवाई अजमेर में की। टीम ने अजमेर के अंबिका नगर में किराए के मकान में रह रहे भीलवाड़ा निवासी परमेश मीणा को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया है।
गेमिंग ऐप के जरिए संपर्क का शक: प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परमेश मीणा ऑनलाइन गेमिंग में काफी सक्रिय था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही पाकिस्तानी नेटवर्क ने उससे संपर्क साधा था। फिलहाल एनआईए उसके डिजिटल उपकरणों (मोबाइल, लैपटॉप), ऑनलाइन गतिविधियों और वित्तीय लेनदेन को खंगाल रही है। इसके साथ ही आरोपी के किरायेदारी से जुड़े पुलिस वेरिफिकेशन की भी पड़ताल की जा रही है।
जसवीर चौधरी और शहजाद भट्टी मॉड्यूल पर प्रहार
सूत्रों के मुताबिक, एनआईए की यह कार्रवाई पाकिस्तान से संचालित कुख्यात ऑपरेटिव जसवीर चौधरी और पाकिस्तान आधारित गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े आतंकी व आपराधिक मॉड्यूल की जांच के सिलसिले में की गई है। इस मॉड्यूल से जुड़े संदिग्धों के देशव्यापी नेटवर्क, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेनदेन (टेरर फंडिंग) और स्थानीय संपर्कों को ध्वस्त करने के लिए देश के कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की जा रही है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी और स्थानीय पुलिस के आला अधिकारियों ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन इस कार्रवाई के बाद से सीमावर्ती और संवेदनशील राज्यों में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं।