पाकिस्तान की मदद करने वाले तुर्किए को एक और झटका, कोटा विश्वविद्यालय ने रद्द किए एमओयू
टेलीग्राफ टाइम्स
गौरव कोचर| कोटा | 20 मई 2025
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना द्वारा पीओके और पाकिस्तान में की गई जवाबी कार्रवाई “ऑपरेशन सिंदूर” ने आतंकियों को करारा जवाब दिया है। इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने भारत के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन और मिसाइल से हमले की नाकाम कोशिशें की। इन हमलों में पाकिस्तान ने तुर्किए के ड्रोन का उपयोग किया, जिससे भारत में तुर्किए और उसके सहयोगी अजरबैजान के खिलाफ विरोध की लहर और तेज हो गई है।
अब इस विरोध की आंच शिक्षा के क्षेत्र तक भी पहुंच चुकी है। कोचिंग हब के नाम से प्रसिद्ध राजस्थान के कोटा शहर में स्थित कोटा विश्वविद्यालय ने तुर्किए के साथ किए गए शैक्षणिक समझौतों (MoU) को रद्द कर दिया है। विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार भावना शर्मा ने बताया कि अब केवल व्यापार और पर्यटन ही नहीं, बल्कि रिसर्च और शिक्षा के स्तर पर भी तुर्किए और अजरबैजान का बहिष्कार किया जा रहा है।
रद्द किए गए प्रमुख एमओयू:
- सिनोप विश्वविद्यालय के साथ किया गया मेवलाना विनिमय कार्यक्रम प्रोटोकॉल
- अफयोन कोकातेपे विश्वविद्यालय के साथ मई 2024 में हुआ शैक्षणिक सहयोग समझौता
विश्वविद्यालय की शिक्षाविदों ने भी विरोध स्वरूप तुर्किए में होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों से नाम वापस ले लिया है। डॉ. अनुकृति शर्मा, जो कि 22-25 मई को तुर्किए के दिदिम में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यटन व सांस्कृतिक अध्ययन सम्मेलन में भाग लेने वाली थीं, उन्होंने भी इसमें शामिल न होने का निर्णय लिया है, हालांकि उनकी टिकट पहले ही टर्किश एयरलाइंस से बुक हो चुकी थीं।
डॉ. अनुकृति ने कहा:
“राष्ट्रहित सर्वोपरि है। जो देश आतंक को समर्थन देते हैं, उनके साथ किसी भी तरह का शैक्षणिक या सांस्कृतिक सहयोग नहीं किया जा सकता।”
राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव
15 मई को भारतीय विश्वविद्यालय संघ (AIU) की ओर से भेजे गए पत्र में यह कहा गया था कि कुछ विदेशी देश भारत-विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं, और उनसे संबंधों की समीक्षा की जानी चाहिए। इसी के तहत कोटा विश्वविद्यालय ने यह कठोर लेकिन देशहित में जरूरी फैसला लिया।

