पांचना बांध विवाद के स्थायी समाधान के लिए मुख्यमंत्री गंभीर: लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने के दिए निर्दे
मुख्य बातें:
- बैठक का उद्देश्य: पांचना बांध से जुड़े सभी पक्षों के हितों की रक्षा और लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों का स्थायी समाधान।
- सीएम का निर्देश: मरम्मत कार्य और लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं को समय-सीमा (Time-bound) में पूरा किया जाए।
- प्रशासनिक मुस्तैदी: मुख्य सचिव और जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सहित शीर्ष अधिकारी बैठक में रहे मौजूद।
जयपुर, 28 जून। नरेश गुनानी
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पांचना बांध के हितबद्ध पक्षों (Stakeholders) के हितों को ध्यान में रखते हुए शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने बांध से जुड़े विभिन्न तकनीकी, सामाजिक और क्षेत्रीय बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को इस संवेदनशील मुद्दे के स्थायी समाधान की दिशा में समयबद्ध व प्रभावी कदम उठाने के कड़े निर्देश दिए।
किसानों के हितों का संरक्षण और टेल-एंड तक पानी पहुंचाना प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और जल संसाधनों के कुशल प्रबंधन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
-
- मरम्मत एवं सुधार: बांध में जहां भी आवश्यकता है, वहां तुरंत मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के कार्य किए जाएं।
- लिफ्ट सिंचाई योजनाएं: ऊंचाई वाले और दूर-दराज के क्षेत्रों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं के काम को रफ्तार दी जाए।
- वास्तविक लाभ: इन योजनाओं का काम तय समय-सीमा में पूरा किया जाए ताकि किसानों को इसका वास्तविक और सीधा लाभ मिल सके।
”सरकार क्षेत्र के संतुलित विकास और किसानों के कल्याण के लिए काम कर रही है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय (Coordination) बढ़ाएं और बैठक में लिए गए सभी निर्णयों का धरातल पर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।”
— भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री
शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण रिव्यू बैठक में राज्य के शीर्ष नीति-निर्धारक और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए, जिनमें शामिल हैं:
-
-
- वी. श्रीनिवास (मुख्य सचिव)
- अभय कुमार (अतिरिक्त मुख्य सचिव, जल संसाधन)
- अखिल अरोड़ा (अतिरिक्त मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय)
-
मुख्यमंत्री के इन सख्त और स्पष्ट निर्देशों के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि पांचना बांध के पानी के वितरण और इसके सही उपयोग को लेकर सालों से चले आ रहे गतिरोध को दूर करने में मदद मिलेगी, जिससे करौली और आसपास के जिलों के किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है।