पहले SSC/BPSC प्रोटेस्ट पर प्रियंका गांधी का बयान: “छात्रों पर लाठियां बरसाना दुर्भाग्यपूर्ण”

पहले SSC/BPSC प्रोटेस्ट पर प्रियंका गांधी का बयान: “छात्रों पर लाठियां बरसाना दुर्भाग्यपूर्ण”

पटना/दिल्ली, 25 अगस्त 2025 । अवधेश बामल नई दिल्ली रंजीत मेहरा पटना। टेलीग्राफ टाइम्स 
बिहार में हाल ही में हुए SSC–BPSC परीक्षा विरोधी प्रदर्शनों पर पुलिस की कार्रवाई ने बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठियां बरसाना और ठंड के मौसम में पानी की बौछार करना दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय है।

पृष्ठभूमि – क्यों भड़के छात्र?

70वीं BPSC (बिहार लोक सेवा आयोग) परीक्षा में कथित पेपर लीक, परीक्षा प्रबंधन की गड़बड़ियों और पारदर्शिता की कमी के खिलाफ अभ्यर्थियों ने पटना में जोरदार प्रदर्शन किया।

  • हजारों की संख्या में छात्र BPSC कार्यालय और गांधी मैदान के पास जमा हुए।
  • परीक्षा रद्द करने और नए सिरे से निष्पक्ष परीक्षा कराने की मांग की।

पुलिस की सख्त कार्रवाई

  • भीड़ हटाने के लिए पहले पानी की बौछारें की गईं।
  • जब प्रदर्शनकारियों ने पीछे हटने से इनकार किया, तो लाठीचार्ज हुआ।
  • कई छात्र घायल हो गए, जिसके वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं।

प्रियंका गांधी का बयान

प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा:

  • “युवाओं की आवाज़ उठाना अपराध नहीं है। सरकार की जिम्मेदारी है कि परीक्षा में धांधली और पेपर लीक रोके, न कि छात्रों पर लाठियां बरसाए।”
  • उन्होंने इसे ‘डबल इंजन सरकार का डबल अत्याचार’ बताया और कहा कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

  • अरविंद केजरीवाल (AAP): “यह लोकतंत्र पर हमला है। युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।”
  • तेजस्वी यादव (RJD): “यह दर्दनाक है। कई छात्र घायल हुए हैं, सरकार छात्रों के साथ खड़ी होने की बजाय उन पर हमला कर रही है।”
  • संजय सिंह (AAP सांसद): “भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों पर बर्बर कार्रवाई तानाशाही का सबूत है।”
  • सरकार और आयोग का रुख
  • BPSC ने विवादित परीक्षा रद्द कर दी है।
  • नई परीक्षा की तिथि 4 जनवरी 2025 तय की गई है।
  • आयोग का कहना है कि छात्रों को न्याय दिलाने और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

SSC–BPSC परीक्षा विवाद अब महज़ शैक्षणिक मुद्दा नहीं रहा, बल्कि बड़ा राजनीतिक मसला बन गया है।

  • जहां छात्र पारदर्शिता और न्याय की मांग कर रहे हैं,
  • वहीं विपक्ष सरकार को युवाओं के साथ अन्याय करने का दोषी ठहरा रहा है।

आने वाले समय में यह मामला न केवल बिहार की राजनीति, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी रोजगार और शिक्षा नीति को लेकर बहस का अहम मुद्दा बन सकता है।

 

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