आगामी सीजन में किसानों को निर्बाध आपूर्ति का भरोसा
नई दिल्ली / गौरव कोचर /चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में देश के उर्वरक क्षेत्र से बेहद उत्साहजनक आंकड़े सामने आए हैं। पश्चिम एशिया में जारी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के बावजूद, भारत सरकार के समन्वित प्रयासों, समय पर आयात और घरेलू स्तर पर रिकॉर्ड मैन्युफैक्चरिंग के दम पर देश ने अपनी उर्वरक सुरक्षा को पूरी तरह चाक-चौबंद कर लिया है। सरकार ने न केवल यूरिया और डीएपी (DAP) के घरेलू उत्पादन में निर्धारित लक्ष्यों को पीछे छोड़ दिया है, बल्कि आगामी कृषि सीजन के लिए देश की कुल वार्षिक आवश्यकता का आधे से अधिक (51 प्रतिशत) भंडार भी अग्रिम रूप से सुरक्षित कर लिया है। इससे देश के किसानों को आगामी कृषि मौसम में उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
पहली तिमाही में यूरिया उत्पादन ने तोड़ा रिकॉर्ड: लक्ष्य से 3.69 LMT अधिक उत्पादन
कृषि मंत्रालय और उर्वरक विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, देश में यूरिया के घरेलू उत्पादन में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के लिए कुल यूरिया उत्पादन का लक्ष्य 67.86 लाख मीट्रिक टन (LMT) निर्धारित किया गया था। इसके मुकाबले देश के विभिन्न संयंत्रों ने 30 जून 2026 तक कुल 71.55 LMT वास्तविक उत्पादन हासिल किया है। यह निर्धारित लक्ष्य से 3.69 LMT अधिक है।
यूरिया उत्पादन का मासिक विश्लेषण (LMT में):
- अप्रैल 2026: 20.34 LMT के लक्ष्य के मुकाबले 20.98 LMT का वास्तविक उत्पादन हुआ।
- मई 2026: 22.55 LMT के लक्ष्य के मुकाबले 25.19 LMT का शानदार उत्पादन दर्ज किया गया।
- जून 2026: 24.96 LMT के लक्ष्य के मुकाबले 25.37 LMT का उत्पादन हासिल हुआ।
डीएपी (DAP) उत्पादन में भी दर्ज की गई उल्लेखनीय वृद्धि
यूरिया के साथ-साथ फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले डाई-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) के उत्पादन में भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पहली तिमाही में कुल डीएपी उत्पादन 9.84 LMT रहा, जो कि निर्धारित लक्ष्य 8.61 LMT से लगभग 1.23 LMT अधिक है।
डीएपी उत्पादन का मासिक विश्लेषण (LMT में):
- अप्रैल 2026: 2.68 LMT के लक्ष्य के मुकाबले 3.03 LMT का उत्पादन हुआ।
- मई 2026: 3.01 LMT के लक्ष्य के मुकाबले 3.93 LMT का बंपर उत्पादन दर्ज किया गया।
- जून 2026: 2.92 LMT के लक्ष्य के मुकाबले 2.88 LMT का उत्पादन हुआ (जो लक्ष्य के बिल्कुल करीब रहा)।
एनपीके (NPK) एवं एसएसपी (SSP) का घरेलू उत्पादन भी सुदृढ़
चालू वित्त वर्ष के पहले तीन महीनों में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटेशियम के सम्मिश्रण वाले एनपीके (NPK) उर्वरकों का कुल घरेलू उत्पादन 20.77 LMT पर पहुंच गया है। वहीं, सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) का कुल घरेलू विनिर्माण 13.50 LMT दर्ज किया गया है। महीने-दर-महीने इन दोनों उर्वरकों के उत्पादन ग्राफ में निरंतर प्रगति देखी गई है। जून के महीने में एनपीके का उत्पादन 7.55 LMT और एसएसपी का उत्पादन 5.55 LMT तक जा पहुंचा।
देश में सुरक्षित हुआ उर्वरकों का पर्याप्त बफर स्टॉक
सरकार द्वारा समय रहते किए गए आयात सौदों और घरेलू विनिर्माण इकाइयों के रिकॉर्ड प्रदर्शन का यह सामूहिक परिणाम है कि वर्तमान में देश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा वर्षभर के लिए अनुमानित 383.9 लाख मीट्रिक टन (LMT) की आवश्यकता के मुकाबले 197.56 LMT उर्वरकों का भंडार सुरक्षित कर लिया गया है, जो कुल वार्षिक आवश्यकता का 51 प्रतिशत से अधिक है।
अगर वर्तमान भौतिक बफर स्टॉक की बात करें, तो 2 जुलाई 2026 तक देश में कुल 163.35 LMT उर्वरक विभिन्न केंद्रों पर सीधे तौर पर उपलब्ध है, जिसका विवरण इस प्रकार है:
- यूरिया: 69.08 LMT
- एनपीके: 45.64 LMT
- एसएसपी: 23.09 LMT
- डीएपी: 16.64 LMT
- एमओपी: 8.90 LMT
वैश्विक संकट के बीच किसानों के हितों के प्रति सरकार प्रतिबद्ध
इस वर्ष उर्वरक मोर्चे पर मिली यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि पश्चिम एशिया में उत्पन्न चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला पर संकट मंडरा रहा था। ऐसे विपरीत समय में भारत सरकार ने विभिन्न देशों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर उर्वरकों एवं कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला को बाधित नहीं होने दिया। साथ ही, घरेलू स्तर पर प्राकृतिक गैस की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित कर उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
आयात, घरेलू उत्पादन तथा पर्याप्त भंडारण—इन तीनों मोर्चों पर किए गए समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप देश में उर्वरकों की उपलब्धता पूरी तरह संतोषजनक बनी हुई है। भारत सरकार किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी आवश्यकता अनुसार सभी आवश्यक कदम उठाती रहेगी।