पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल की ओर से अनुशासित और सम्मानपूर्वक टिकट जांच की नई परिभाषा गढ़ने के उद्देश्य से “नमस्ते अभियान” की शुरुआत
By : आर बी चतुर्वेदी/ मुंबई
टेलीग्राफ टाइम्स
अगस्त 11,2025
मुट्ठी की केवल पाँच उंगलियाँ नहीं, बल्कि नमस्ते की दस उंगलियाँ – शक्तिशाली, उद्देश्यपूर्ण और सम्मानजनक
पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल ने “नमस्ते अभियान” नामक एक विचारशील और नैतिक मूल्यों पर आधारित पहल शुरू की है। NAMASTE का अर्थ है – NAMrata Aur Strong Ticket Examination। यह अभियान दरअसल सम्मान और सहानुभूति के साथ नियमों का पालन सुनिश्चित करने वाला एक ऐसा सिद्धांत है जिसमें विनम्रता का भाव निहित है। सम्मान, सुरक्षा, जनहित, सहानुभूति और जवाबदेही जैसे मूल्यों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता इस पहल का केंद्र है। इसका उद्देश्य टिकट जांच कर्मचारियों में आत्मविश्वास बढ़ाना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और यात्रियों के समग्र सकारात्मक अनुभव में सुधार लाना है।
इस पहल के तहत, 6 अगस्त 2025 को बोरीवली स्टेशन पर एक व्यापक टिकट जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान में 300 से अधिक टिकट जांच कर्मचारी शामिल हुए, जिन्हें रेलवे सुरक्षा बल और सरकारी रेलवे पुलिस का सहयोग मिला। इस अभियान में लगभग 5,200 बिना टिकट यात्रियों को पकड़ा गया और उनसे 13.50 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए टिकट जांच कर्मचारियों के लिए विशेष सुरक्षात्मक जैकेट तैयार की गई है। इस जैकेट में बॉडी कैमरे, हैंड-हेल्ड टर्मिनल, अतिरिक्त किराया रसीद पुस्तिका (EFT Book) और सार्वजनिक घोषणा के लिए छोटे स्पीकर रखने की व्यवस्था है। इस तकनीकी एकीकरण से कर्मचारियों की शारीरिक और कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित होती है और यात्रियों के साथ संवाद में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ती है।
इस अभियान का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू है – स्टेशन परिसर में प्री-कस्टडी एरिया यानी हिरासत में लेने से पहले की कार्यवाही के लिए विशेष स्थान का निर्माण। यह सुविधा सीसीटीवी निगरानी में बिना टिकट यात्रियों के साथ सम्मानजनक और नियंत्रित तरीके से व्यवहार के लिए बनाई गई है। इससे अधिकृत कार्यालय में होने वाली संभावित बहस और अनावश्यक विवादों को रोका जा सकेगा, जिससे यात्री और कर्मचारी – दोनों को उचित व्यवहार मिल सकेगा।
व्यावसायिक विभाग की ओर से कर्मचारियों के लिए प्रभावी संवाद और पेशेवर तरीके से यात्रियों को संभालने पर कार्यशालाएँ भी आयोजित की गई हैं।
“नमस्ते अभियान” यह दर्शाता है कि शासन-प्रशासन एक साथ मजबूत और संवेदनशील हो सकता है। यह पहल अनुशासन के मूल्य को महत्व देने वाले नैतिक सार्वजनिक प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस अभियान के माध्यम से पश्चिम रेलवे ने सभी के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और जवाबदेह रेलवे सेवा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।