पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: मतगणना की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने कसी कमर; 242 अतिरिक्त पर्यवेक्षक तैनात

गौरव कोचर 

नई दिल्ली | 02 मई, 2026

​भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के आगामी मतगणना परिणामों को देखते हुए सुरक्षा और पारदर्शिता के अभूतपूर्व प्रबंध किए हैं। आयोग ने राज्य भर में सुचारू प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षकों और 77 पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती की घोषणा की है।

​सुरक्षा और निगरानी का दोहरा कवच

​निर्वाचन आयोग के अनुसार, इन नियुक्तियों का प्राथमिक उद्देश्य मतगणना केंद्रों के आसपास एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण तैयार करना है।

  • अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक: ये उन 165 निर्वाचन क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं जहाँ एक से अधिक मतगणना कक्ष (Counting Halls) बनाए गए हैं। इनका कार्य मुख्य मतगणना पर्यवेक्षकों की सहायता करना और प्रक्रिया की शुद्धता की निगरानी करना होगा।
  • पुलिस पर्यवेक्षक: 77 पुलिस पर्यवेक्षकों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि सुरक्षा व्यवस्था आयोग के प्रोटोकॉल के अनुरूप हो। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि पुलिस पर्यवेक्षक किसी भी स्थिति में मतगणना कक्ष के भीतर प्रवेश नहीं करेंगे।

​संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग

​ये नियुक्तियाँ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20बी के तहत मिली शक्तियों के आधार पर की गई हैं। ड्यूटी के दौरान ये सभी अधिकारी सीधे निर्वाचन आयोग के नियंत्रण और प्रतिनियुक्ति पर माने जाएंगे।

​तकनीक और पारदर्शिता पर जोर

​मतगणना प्रक्रिया को ‘फुलप्रूफ’ बनाने के लिए आयोग ने डिजिटल सुरक्षा के कड़े निर्देश जारी किए हैं:

  • QR कोड आधारित प्रवेश: रिटर्निंग ऑफिसर (RO) द्वारा ‘ECINET’ पोर्टल के माध्यम से क्यूआर कोड युक्त फोटो आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे। केवल इन्हीं कार्डों के आधार पर कर्मियों और एजेंटों को प्रवेश मिलेगा।
  • मोबाइल पर प्रतिबंध: मतगणना कक्ष के भीतर मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केवल अधिकृत मतगणना पर्यवेक्षक और अधिकारी ही आवश्यक संचार के लिए उपकरण रख सकेंगे।
  • माइक्रो-ऑब्जर्वर की भूमिका: प्रत्येक टेबल पर तैनात माइक्रो-ऑब्जर्वर स्वतंत्र रूप से कंट्रोल यूनिट (CU) से परिणाम नोट करेंगे और हर राउंड के बाद क्रॉस-वेरिफिकेशन के लिए डेटा सौंपेंगे।

​एजेंटों की भागीदारी

​पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, कंट्रोल यूनिट के परिणामों वाला प्रपत्र 17सी-II गणना एजेंटों की उपस्थिति में तैयार किया जाएगा। गणना पर्यवेक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि एजेंटों के हस्ताक्षर लिए जाएं और यदि वे संतुष्ट नहीं हैं, तो प्रक्रिया को उनके अनुरोध पर दोहराया भी जा सकता है।

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

  • कुल नए पर्यवेक्षक: 242 (165 मतगणना + 77 पुलिस)
  • प्रवेश का माध्यम: ECINET के जरिए जारी QR कोड आधारित ID
  • उद्देश्य: पारदर्शी और भयमुक्त मतगणना प्रक्रिया।

 

​चुनाव आयोग का यह कदम पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को बनाए रखने और किसी भी संभावित गड़बड़ी को रोकने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

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