जयपुर/प्रीति बालानी/ वैश्विक आर्थिक हलचलों और हालिया पश्चिम एशिया संकट के कारण दबाव झेल रहे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) तथा अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों को बड़ी राहत देने के लिए भारत सरकार ने कमर कस ली है। वित्तीय सेवाएँ विभाग (वित्त मंत्रालय) के निर्देशानुसार, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के संयोजक ‘बैंक ऑफ बड़ौदा’ के तत्वाधान में आगामी 15 जुलाई 2026 को एक वृहद राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS 5.0) के बारे में जागरूकता बढ़ाना, बैंक ग्राहकों तक इसकी पहुँच को आसान बनाना और योजना के जमीनी क्रियान्वयन को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करना है।
संकट के समय व्यवसायों के लिए सुरक्षा कवच
ECLGS 5.0 योजना का प्राथमिक उद्देश्य वैश्विक और क्षेत्रीय संकटों, विशेषकर पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रमों से प्रभावित हुए MSME और गैर-MSME उद्यमों को अतिरिक्त कार्यशील पूंजी (Working Capital) के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस सहायता के जरिए सरकार का लक्ष्य है कि:
- उद्योगों के कामकाज की निरंतरता बनी रहे।
- देश में रोजगार पूरी तरह सुरक्षित रहें।
- आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में आने वाली रुकावटों को दूर कर उसे मजबूत किया जा सके।
वित्त मंत्रालय का मानना है कि इस योजना के अंतर्गत स्वीकृत होने वाली प्रत्येक वित्तीय सुविधा महज एक बैंक लेन-देन नहीं है, बल्कि यह संकट के दौर में व्यवसायों को संबल देने, परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने और उद्यमियों के सपनों को साकार करने का एक मजबूत जरिया है।
₹2.55 लाख करोड़ का सुरक्षा फंड: योजना की मुख्य बातें
भारत सरकार ने इस संकट मोचक योजना के प्रभावी संचालन के लिए भारी-भरकम बजट और आसान शर्तों का प्रावधान किया है:
- कुल वित्तीय सहायता: भारत सरकार द्वारा इस योजना के तहत ₹2.55 लाख करोड़ की गारंटी युक्त ऋण सहायता का बड़ा प्रावधान किया गया है।
- समय सीमा: पात्र उद्यमी और व्यवसायी इस योजना का लाभ 31 मार्च 2027 तक उठा सकते हैं।
- शत-प्रतिशत गारंटी कवरेज: लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए MSME क्षेत्र को 100% गारंटी कवरेज दिया जा रहा है।
- गैर-MSME व विमानन क्षेत्र को राहत: गैर-MSME उद्यमों और विशेष रूप से प्रभावित एयरलाइन (विमानन) सेक्टर को 90% गारंटी कवरेज प्रदान किया जा रहा है।
दिग्गजों का जुटेगा महाकुंभ, मौके पर ही मिलेगा लाभ
15 जुलाई को होने वाले इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में नीति निर्माताओं से लेकर जमीन पर काम करने वाले सभी प्रमुख हितधारक एक मंच पर नजर आएंगे। कार्यक्रम में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), नाबार्ड (NABARD) और MSME विभाग के आला अधिकारी शामिल होंगे। इसके साथ ही विभिन्न बैंकों के राज्य प्रमुख, प्रमुख व्यापार संघ और बड़ी संख्या में उद्यमी सहभागिता करेंगे।
प्रस्तुतीकरण और ऑन-स्पॉट लाभ:
कार्यक्रम के दौरान नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) तथा पब्लिक सेक्टर बैंक्स एलायंस (PSB Alliance) के अधिकारी ECLGS 5.0 योजना पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) देंगे। इससे उपस्थित उद्यमियों और बैंकर्स को योजना की बारीकियों, तकनीकी पहलुओं और इसके लाभों की एकदम स्पष्ट जानकारी मिलेगी।
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि विभिन्न बैंकों के पात्र ग्राहकों और लाभार्थियों को मौके पर ही योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा। साथ ही, आम प्रतिभागियों को बेहद सरल भाषा में समझाया जाएगा कि वे किस प्रकार और किस प्रक्रिया के तहत इस सरकारी गारंटी वाले ऋण का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को नई रफ्तार दे सकते हैं।