पशुपालन विभाग में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक वंदन और स्वदेशी संकल्प कार्यक्रम
10 नवम्बर 2025, जयपुर | नरेश गुनानी
‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज पशुपालन विभाग में देशभक्ति और गर्व से परिपूर्ण सामूहिक वंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विभाग के सभी अधिकारी एवं कार्मिकों ने एक साथ ‘वंदे मातरम’ का गायन कर राष्ट्रमाता भारत के प्रति अपनी श्रद्धा, सम्मान और समर्पण व्यक्त किया। कार्यक्रम में दस्तावेज सत्यापन के लिए आए पशुधन निरीक्षक अभ्यर्थियों ने भी भाग लिया। लगभग 300 लोगों ने राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान प्रदर्शित करते हुए सामूहिक वंदन किया और देशभक्ति के नारे लगाए।
विभाग के निदेशक डॉ. आनंद सेजरा ने इस अवसर पर कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्तों के लिए प्रेरणा का प्रमुख स्रोत रहा है। यह रचना हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, एकता और आत्मगौरव का प्रतीक है। उन्होंने उपस्थित सभी कर्मचारियों और अभ्यर्थियों से आह्वान किया कि वे इस भावना को अपने कार्य और जीवन में आत्मसात करें तथा अपने दायित्वों का निर्वहन देशहित में करें।
कार्यक्रम के समापन पर सभी कार्मिकों और प्रतिभागियों ने स्वदेशी संकल्प लेते हुए अपने जीवन में अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर वातावरण राष्ट्रभक्ति के उल्लास से गूंज उठा और ‘वंदे मातरम’ के जयघोष के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।