पशुपालन विभाग द्वारा राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन
राष्ट्रीय पशुधन मिशन पशुपालकों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम : निदेशक, पशुपालन विभाग
| नरेश गुनानी
जयपुर, 16 दिसम्बर।
पशुपालन विभाग द्वारा राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन मंगलवार को आगरा रोड स्थित राजस्थान राज्य पशुधन प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान में किया गया। कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों से आए 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय पशुधन मिशन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र आयोजित किए गए।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. अरुण तोमर ने कहा कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन वर्तमान समय में देश की आवश्यकता है, जिसे पशुपालन क्षेत्र में बड़े उद्यमी तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि पशुपालन के क्षेत्र में देश कई मामलों में अग्रणी है, लेकिन अभी भी व्यापक संभावनाएं शेष हैं।
डॉ. तोमर ने कहा कि मिशन का प्रमुख लक्ष्य प्रति पशु उत्पादन बढ़ाना है। उत्पादन वृद्धि के लिए उन्होंने जी प्लस ई फार्मूले की व्याख्या करते हुए बताया कि बेहतर प्रदर्शन के लिए पशुओं की नस्ल और उसके अनुरूप उचित रखरखाव अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसानों एवं पशुपालकों को यह जानकारी देना जरूरी है कि किस जलवायु क्षेत्र के लिए कौन सी नस्ल उपयुक्त है और किससे बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा अधिकारियों को केवल पशुओं की चिकित्सा तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पशुधन के समग्र विकास पर ध्यान देना चाहिए। लक्ष्य यह होना चाहिए कि पशु बीमार ही न हों। उन्होंने पशुधन गणना को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसी के आधार पर विभिन्न योजनाओं का निर्माण किया जाता है। उन्होंने समय-समय पर इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विभाग एवं पशु चिकित्सकों दोनों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेशचंद मीना ने कहा कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन पशुपालकों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स के रूप में जो भी जानकारी प्रतिभागी प्राप्त करें, उसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करें, ताकि इसका लाभ अधिकतम पशुपालकों को मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि सही जानकारी सही समय पर पशुपालक तक पहुंचती है, तो उसका सीधा लाभ पशुओं के स्वास्थ्य, उत्पादन एवं आय वृद्धि के रूप में मिलता है।
विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार सेन ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय पशुधन मिशन के सभी पहलुओं की समग्र जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि यह ज्ञान फील्ड स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य डेयरी, पोल्ट्री, भेड़, बकरी एवं सूअर पालन जैसे पशुधन क्षेत्रों के सतत विकास के माध्यम से किसानों एवं पशुपालकों की आय और जीवन स्तर में सुधार करना है। इस योजना के अंतर्गत उद्यमिता विकास, नस्ल सुधार, चारा विकास, पशु स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने तथा बाजार तक पहुंच सुदृढ़ करने के लिए सब्सिडी एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाती है।