बजट घोषणाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश
- प्रत्येक पशु चिकित्सा संस्थान का अपना भवन हो, पट्टे हासिल करने की प्रक्रिया में लाएं तेजी
- बस्सी सेक्स सॉर्टेड सीमन उत्पादन इकाई की क्षमता बढ़ाने और दुग्ध सहकारी समितियों के विस्तार पर जोर
जयपुर / नरेश गुनानी
पशुपालन, डेयरी, गोपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में सचिवालय के ‘चिंतन कक्ष’ में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में पशुपालन विभाग और राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) की विगत तीन वर्षों की बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन, प्रगति और उनके समयबद्ध निष्पादन की गहन समीक्षा की गई।
”शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी” — जोराराम कुमावत
बैठक को संबोधित करते हुए पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य सरकार की बजट घोषणाओं को निर्धारित समय-सीमा में धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कहा:
“बजट घोषणाएं केवल कागजी योजनाएं नहीं हैं, बल्कि यह प्रदेश के किसानों और पशुपालकों के सशक्तिकरण व राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम हैं। इनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग के साथ शत-प्रतिशत गुणवत्ता सुनिश्चित करें।”
समीक्षा बैठक के मुख्य निर्देश एवं महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक के दौरान मंत्री कुमावत ने पशुधन विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए अधिकारियों को निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए:
- चिकित्सा संस्थानों के अपने भवन: सभी स्तर के पशु चिकित्सा संस्थानों के पट्टे शीघ्र प्राप्त किए जाएं ताकि हर संस्थान का अपना पक्का भवन हो और पशुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
- विभाग का भूमि विस्तार: भेड़-ऊन विभाग की रिक्त/उपलब्ध भूमि को पशुपालन विभाग के अंतर्गत शामिल करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई तुरंत शुरू की जाए।
- डेयरी क्षेत्र का विस्तार: ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां और दुग्ध संकलन केंद्र (Milk Collection Centres) खोले जाएं। बाजार में अधिक मांग वाले दुग्ध उत्पादों के गुणवत्तापूर्ण उत्पादन में बढ़ोतरी की जाए।
- बस्सी सीमन इकाई का सुदृढ़ीकरण: जयपुर के बस्सी स्थित सेक्स सॉर्टेड सीमन (Sex Sorted Semen) उत्पादन इकाई की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए, जिससे नस्ल सुधार कार्यक्रम को गति मिल सके।
विभागीय योजनाओं की प्रगति का प्रस्तुतीकरण
समीक्षा के दौरान विभागीय अधिकारियों ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) के माध्यम से विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया, जिनमें मुख्य रूप से:
- निर्माणाधीन परियोजनाएं और नवीन पशु चिकित्सालय व उपकेंद्र
- मोबाइल वेटनरी यूनिट (Mobile Veterinary Units) का संचालन
- पशुधन बीमा योजना, कृत्रिम गर्भाधान और पशु स्वास्थ्य सेवाएं शामिल रहीं।
मंत्री कुमावत ने निर्देश दिए कि जिन विकास कार्यों में अंतर-विभागीय बाधाएं आ रही हैं, उनका तुरंत समाधान कर कार्य में तेजी लाई जाए।
उच्च अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में शासन और विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं:
- दिनेश कुमार जांगिड़ (संयुक्त शासन सचिव)
- श्रुति भारद्वाज (प्रबंध निदेशक, RCDF)
- डॉ. सुरेश चंद मीना (निदेशक, पशुपालन विभाग)
- विभाग के अतिरिक्त निदेशक, योजनाओं के नोडल अधिकारी तथा RCDF के वरिष्ठ अधिकारी।