नरेश गुनानी
जयपुर, 07 मई 2026
राजस्थान के पशुपालन, गोपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत का जन्मदिवस आज प्रदेशभर में ‘गौसेवा दिवस’ और सेवा के संकल्प के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर पशुपालन विभाग द्वारा राज्य की सभी पंजीकृत और अपंजीकृत गौशालाओं में एक दिवसीय पशु चिकित्सा एवं बांझपन निवारण शिविरों का आयोजन किया गया।
शिविरों का उद्देश्य और गतिविधियाँ
इन शिविरों का मुख्य लक्ष्य गौवंश के स्वास्थ्य का संरक्षण करना और उनकी दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि करना था। शिविरों के दौरान पशु चिकित्सकों की विशेषज्ञ टीमों ने निम्नलिखित सेवाएं प्रदान कीं:
- स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार: बीमार गौवंश की जाँच कर उन्हें निःशुल्क औषधियाँ वितरित की गईं।
- बांझपन निवारण: बांझपन से प्रभावित गौवंश की विशेष जाँच की गई और उन्हें कृत्रिम गर्भाधान (AI) संबंधी परामर्श व सेवाएँ उपलब्ध करवाई गईं।
- टीकाकरण अभियान: खुरपका-मुंहपका (FMD), लंपी और अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण किया गया।
- जागरूकता सत्र: पशुपालकों को पशुओं के संतुलित आहार, स्वच्छता प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
विभागीय नवाचारों से सुदृढ़ होता पशुपालन
पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेशचंद मीना ने बताया कि जोराराम कुमावत के नेतृत्व में विभाग ने पशु कल्याण की दिशा में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित योजनाओं का उल्लेख किया:
- मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना: पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना।
- मोबाइल वेटरिनरी यूनिट (MVU): पशुपालकों के द्वार तक चिकित्सा सुविधा पहुँचाना।
- सेक्स सॉर्टेड सीमन: कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से उन्नत नस्ल के गौवंश को बढ़ावा देना।
प्रमुख उपलब्धियाँ: एक नज़र में
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गतिविधि |
विवरण |
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अवसर |
जोराराम कुमावत का जन्मदिवस (गौसेवा दिवस) |
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आयोजक |
पशुपालन एवं गोपालन विभाग, राजस्थान सरकार |
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लाभार्थी |
प्रदेश की सभी गौशालाएँ एवं स्थानीय पशुपालक |
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प्रमुख सेवाएं |
बांझपन उपचार, टीकाकरण, निःशुल्क औषधि वितरण |
दीर्घायु की कामना
शिविरों के दौरान गौशाला संचालकों, स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। उपस्थित जनसमूह ने जोराराम कुमावत के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। लोगों ने पशुपालन और गौसंवर्द्धन के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों और जन-हितैषी विजन की जमकर सराहना की।
निदेशक डॉ. मीना ने आश्वस्त किया कि पशुधन विकास के लिए इस प्रकार के विशेष शिविर भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि राजस्थान पशुपालन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बना रहे।