नरेश गुनानी
जयपुर, 25 अप्रैल। विश्व पशु चिकित्सा दिवस-2026 के अवसर पर शनिवार को स्नातकोत्तर पशुचिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (PGIVER), जयपुर में राजुवास (जोबनेर) की ओर से भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और पशु चिकित्सकों के राष्ट्र निर्माण में योगदान को रेखांकित किया।
पशु चिकित्सा को सुलभ बनाने के लिए सरकार संकल्पित
जोराराम कुमावत ने प्रदेशवासियों को दिवस की बधाई देते हुए कहा कि इस दिन को मनाने का मूल उद्देश्य पशुधन के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा:
- बुनियादी ढांचा: राज्य में कई नए पशु चिकित्सालय खोले गए हैं और मौजूदा केंद्रों का क्रमोन्नयन (Upgrade) किया गया है।
- दवाएं और योजनाएं: निःशुल्क दवाइयों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही पशुपालकों के द्वार तक सेवा पहुंचाने के लिए मोबाइल वेटनरी वैन, गोपालक कार्ड, मंगला पशु बीमा योजना और सेक्स सॉर्टेड सीमन जैसी योजनाएं प्रभावी ढंग से संचालित हैं।
- टीकाकरण: बीमारियों की रोकथाम के लिए टीकाकरण कार्यक्रम को गति दी जा रही है।
पशुपालन: अर्थव्यवस्था और पोषण का आधार
राजुवास के कुलगुरु प्रो. त्रिभुवन शर्मा ने कहा कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था और पोषण सुरक्षा में पशुपालन का योगदान अतुलनीय है। वहीं, पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश चन्द मीना ने बताया कि एक पशु चिकित्सक न केवल मूक पशुओं का इलाज करता है, बल्कि वह अप्रत्यक्ष रूप से मानव स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ी भूमिका निभाता है।
संस्थान के अधिष्ठाता प्रो. धर्म सिंह मीना ने पशु चिकित्सा के गौरवशाली इतिहास और वर्तमान चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
विशिष्ट सम्मान और प्रकाशन
समारोह के दौरान शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में लंबी सेवाओं के लिए दो सेवानिवृत्त आचार्यों, प्रो. जी.सी. गहलोत और प्रो. सुनन्दा शर्मा को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजुवास के न्यूज लेटर का विमोचन भी किया गया।
तकनीकी सेमिनार के सत्र में डॉ. एस.के. झीरवाल ने इस वर्ष की थीम “पशु चिकित्सक- भोजन और स्वास्थ्य के संरक्षक” पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।
शिविर और प्रतियोगिताएं
विश्व पशु चिकित्सा दिवस के उपलक्ष्य में पीजीआईवीईआर संस्थान द्वारा जनहित में कई गतिविधियां आयोजित की गईं:
- निःशुल्क शिविर: संस्थान परिसर में एंटी-रेबीज टीकाकरण, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण और पशु बांझपन निवारण शिविर लगाया गया।
- विद्यार्थी गतिविधि: छात्र-छात्राओं के लिए पोस्टर प्रतियोगिता और ऑनलाइन क्विज का आयोजन हुआ, जिसमें उत्साहपूर्वक भागीदारी देखी गई।
उपस्थिति:
इस अवसर पर कुलसचिव सावन कुमार चायल, सहायक अधिष्ठाता एवं छात्र कल्याण डॉ. निर्मल कुमार जेफ, डॉ. मोनिका करनानी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।