पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल: हर एकादशी को मंदिर परिसरों में होगा पौधारोपण, घुमेश्वर महादेव से हुई शुरुआत
| योगेश शर्मा
जयपुर। सांगानेर-डिग्गी मालपुरा मेगा हाईवे स्थित अशोक विहार के घुमेश्वर महादेव मंदिर परिसर में गुरुवार को भक्ति और प्रकृति के संगम का अनूठा नजारा देखने को मिला। माघ शुक्ल एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं और समाजसेवियों ने मंदिर प्रांगण में बिल्व पत्र का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का शंखनाद किया।
एकादशी पर ‘हरित संकल्प’
समाजसेवी राजुलाल चेला और दिनेश रातल्या ने इस अवसर पर एक सराहनीय संकल्प लिया है। उन्होंने घोषणा की कि अब से प्रत्येक माह की दोनों एकादशियों पर क्षेत्र के विभिन्न मंदिर परिसरों में पौधारोपण किया जाएगा। संकल्प की इसी कड़ी में पहला पौधा भगवान शिव के प्रिय ‘बिल्व पत्र’ का लगाया गया।
मानव जीवन के लिए वृक्ष अनिवार्य
कार्यक्रम के दौरान दिनेश बागड़ा और राजुलाल चेला ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि वृक्षों के बिना मानव जीवन की कल्पना करना असंभव है। उन्होंने कहा:
”जिस प्रकार शरीर के पोषण के लिए भोजन अनिवार्य है, ठीक उसी प्रकार पर्यावरण की शुद्धि और जीवन की निरंतरता के लिए पेड़-पौधों का होना आवश्यक है। मंदिर परिसर में पौधारोपण से न केवल आध्यात्मिक शांति मिलेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध हवा भी प्राप्त होगी।”
महिलाओं ने ली देखरेख की जिम्मेदारी
पौधारोपण कार्यक्रम की खास बात यह रही कि स्थानीय महिलाओं ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। केवल पौधा लगाने तक ही यह अभियान सीमित नहीं रहा, बल्कि उपस्थित महिलाओं ने इन पौधों को पूर्ण वृक्ष बनने तक उनकी नियमित देखरेख और सिंचाई करने की जिम्मेदारी भी सामूहिक रूप से ली।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस पुनीत कार्य के अवसर पर रोशन बागड़ा, रामस्वरूप शर्मा, महेश बागड़ा सहित अनेक स्थानीय निवासी और श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस अभियान को आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक पौधे लगाने की शपथ ली।
