पर्यावरण संरक्षण और जीव दया का महासंकल्प: 11 हजार पौधे और 5000 परिंडे लगाएगी बागड़ा जोड़ी
जयपुर/रातल्या, 12 मार्च 2026
| योगेश शर्मा
प्रकृति की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। इसी मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए जयपुर के डिग्गी फालुपरा रोड स्थित रातल्या गाँव के प्रतिष्ठित समाजसेवी राजुलाल बागड़ा (हलवाई) और दिनेश बागड़ा ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा संकल्प लिया है। बागड़ा परिवार ने आगामी समय में प्रदेश भर में 11,000 पौधे लगाने और पक्षियों के लिए 5,000 परिंडे बांधने का बीड़ा उठाया है।
‘बेजुबानों की जान बचाओ’ अभियान की शुरुआत
भीषण गर्मी की आहट को देखते हुए पक्षियों को राहत पहुँचाने के लिए रविवार को रातल्या स्थित गुरुमहाराज मंदिर परिसर से ‘परिंडे लगाओ, बेजुबानों की जान बचाओ’ अभियान का विधिवत आगाज किया जाएगा।
- प्रदेशव्यापी वितरण: इस अभियान के तहत न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राजस्थान के सभी जिलों में पक्षियों के लिए परिंडे वितरित किए जाएंगे।
- युवाओं को संदेश: समाजसेवी राजुलाल और दिनेश बागड़ा ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण और हमारे पारंपरिक ‘औरण’ (संरक्षित वन भूमि) को बचाने के लिए अब युद्ध स्तर पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि “जीव दया ही जीवन का सबसे बड़ा धर्म है।”
मानसून में महकेगी धरा: 11,000 पौधों का लक्ष्य
समाजसेवी जोड़ी ने दूरगामी विजन रखते हुए संकल्प लिया है कि जैसे ही वर्षा ऋतु का आगमन होगा, प्रदेश के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, शिक्षण संस्थानों और मंदिर परिसरों में 11,000 फलदार और छायादार पौधे रोपे जाएंगे। इस अभियान का उद्देश्य घटते हरित क्षेत्र को बढ़ाना और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना है।
प्रमुख सदस्यों की उपस्थिति
बैठक और संकल्प के दौरान समाज के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इस अवसर पर महेश बागड़ा, रवि बाड़ीवाल, कृष्ण मेहता, और रामगोपाल शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने इस पुनीत कार्य में अपना पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
अभियान की मुख्य विशेषताएं एक नजर में:
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कार्य |
लक्ष्य |
समय |
|---|---|---|
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परिंडे लगाना |
5,000 |
ग्रीष्म ऋतु (अभियान शुरू) |
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पौधरोपण |
11,000 |
वर्षा ऋतु |
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क्षेत्र |
संपूर्ण राजस्थान |
सार्वजनिक स्थल एवं मंदिर |
सामाजिक संदेश: “पेड़-पौधे और बेजुबान पक्षी हमारी प्रकृति की अनमोल धरोहर हैं। यदि हम आज इनकी रक्षा करेंगे, तो ही भविष्य सुरक्षित रहेगा।” — राजुलाल बागड़ा
