पर्यटन व कला एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक : ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों पर विकसित हों उच्चस्तरीय सुविधाएं
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिए निर्देश, रोजगार और एडवेंचर टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
संपादन: नरेश गुनानी, टेलीग्राफ टाइम्स
जयपुर, 22 अगस्त। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान पर्यटन क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन रहा है। राज्य में लगातार बढ़ रही देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या को देखते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि ऐतिहासिक, प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों के विकास के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। साथ ही, इन कार्यों की समयबद्ध समीक्षा कर उन्हें पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में पर्यटन व कला एवं संस्कृति विभाग की बजट घोषणाओं और अन्य विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि संग्रहालयों का उन्नयन, पैनोरमा निर्माण, बावड़ियों का जीर्णोद्धार और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्राथमिकता से पूरी हों।
स्थानीय रोजगार और ग्रामीण पर्यटन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक पर्यटन स्थलों पर आधारभूत संरचना के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेंगे। उन्होंने पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर और घाटों का विकास कार्ययोजना के तहत करने के निर्देश दिए। साथ ही, ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चिन्हित स्थानों पर डीपीआर जल्द तैयार करने को कहा।
एडवेंचर और वेडिंग डेस्टिनेशन को बढ़ावा
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वॉटर और डेजर्ट एडवेंचर एक्टिविटीज को बढ़ावा देने के लिए शीघ्र गाइडलाइन तैयार की जाए। साथ ही, राजस्थान के समृद्ध हैरिटेज स्थलों को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए।
ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट और ट्रेवल मार्ट
मुख्यमंत्री ने उदयपुर और जोधपुर में ट्रेवल मार्ट आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेणेश्वर धाम, रामेश्वर घाट और बीगोद संगम को त्रिवेणी संगम के रूप में विकसित करने और जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट बनाने पर बल दिया।
बैठक में विभाग की ओर से पिछले डेढ़ वर्ष में पर्यटन स्थलों पर किए गए विकास कार्यों पर आधारित एक वीडियो डॉक्यूमेंट्री भी प्रस्तुत की गई।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत सहित पर्यटन व कला एवं संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।