रिपोर्ट: योगेश शर्मा, जयपुर
जयपुर। जगतपुरा स्थित स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोत्थान (SKIT) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ‘सिविल इंजीनियरिंग के उभरते रुझान’ विषय पर एक दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन किया गया। संस्थान के जे.सी. बोस सेमिनार हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र “परिवहन इंजीनियरिंग में AI/ML के अनुप्रयोग और करियर के अवसर” रहा।
स्मार्ट मोबिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
इस सत्र के मुख्य वक्ता IIT जोधपुर के सहायक प्रोफेसर डॉ. शुभम जैन थे। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) पारंपरिक सिविल इंजीनियरिंग की सूरत बदल रहे हैं। डॉ. जैन ने बताया कि:
- यातायात प्रबंधन: एआई की मदद से वास्तविक समय (Real-time) में ट्रैफिक को नियंत्रित कर जाम की समस्या से मुक्ति पाई जा सकती है।
- स्मार्ट मोबिलिटी: भविष्य के शहरों में वाहनों का संचालन और सार्वजनिक परिवहन की सुगमता पूरी तरह डेटा पर आधारित होगी।
- बुनियादी ढांचा नियोजन: बुनियादी ढांचे के निर्माण और रखरखाव में एम एल एल्गोरिदम के प्रयोग से लागत कम और सुरक्षा अधिक सुनिश्चित की जा सकती है।
करियर के नए क्षितिज
डॉ. शुभम जैन ने छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए बताया कि अब सिविल इंजीनियरिंग केवल ईंट-पत्थरों तक सीमित नहीं है। उन्होंने अंतर्विषयक (Interdisciplinary) क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे पारंपरिक सरकारी सेवाओं और अनुसंधान के साथ-साथ डेटा साइंस और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी हाथ आजमाएं।
संवादात्मक रहा सत्र
सत्र के दौरान छात्रों और संकाय सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रश्नोत्तर काल में डॉ. जैन ने छात्रों के करियर संबंधी संशयों को दूर किया और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तकनीकी रूप से सक्षम बनने के सुझाव दिए।
प्रमुख उपस्थिति एवं आभार
कार्यक्रम के अंत में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. बी.एल. शर्मा ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा:
”तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाना आज के इंजीनियरों के लिए अनिवार्य है। डॉ. शुभम जैन के अनुभव और ज्ञान से हमारे छात्र निश्चित रूप से लाभान्वित होंगे।”
महत्वपूर्ण भूमिकाएं:
- समन्वयक: कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अदिति शिवाचंद्र विभूते द्वारा किया गया।
- मार्गदर्शन: प्रो. डॉ. बी.एल. शर्मा ने आयोजन टीम के प्रयासों की सराहना की और छात्रों को निरंतर सीखने के लिए प्रोत्साहित किया।
यह सत्र न केवल ज्ञानवर्धक रहा बल्कि इसने छात्रों को शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास के लिए एक नई दिशा प्रदान की।
