पति कमाने गया दुबई, पीछे पत्नी ने चचेरे देवर से रचाई रासलीला — गांव वालों ने पकड़ा, फिर पंचायत में हुई शादी
(गाजीपुर के कासिमाबाद तहसील के इंदौर गांव से हैरान कर देने वाला मामला)
Edited By : गौरव कोचर
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 08,2025
रिपोर्ट: टेलीग्राफ टाइम्स | उत्तर प्रदेश ब्यूरो । धनंजय त्यागी
गाजीपुर, उत्तर प्रदेश – जिले के कासिमाबाद तहसील के इंदौर गांव में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने रिश्तों की मर्यादाओं और सामाजिक व्यवस्था दोनों को झकझोर कर रख दिया। पति जब परिवार के लिए कमाने दुबई गया, तो पीछे उसकी पत्नी ने अपने चचेरे देवर से ही प्रेम संबंध बना लिए। रात में जब दोनों रंगे हाथों पकड़े गए, तो गांव की पंचायत ने एक अप्रत्याशित फैसला सुनाया — पत्नी की शादी चचेरे देवर से करा दी गई।
✈️ पति गया विदेश, पत्नी ने बदल लिया दिल
गांव के प्रमोद की शादी कुछ वर्ष पहले हुई थी। एक बेटी भी है। परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने और बहन की शादी व पत्नी-बच्ची के अच्छे भविष्य के लिए प्रमोद ढाई साल पहले दुबई कमाने चला गया। वहां से हर महीने कमाई का पैसा पत्नी और मां को भेजता रहा।
सभी को लग रहा था कि परिवार खुशहाल चल रहा है। लेकिन हकीकत कुछ और ही थी।
😶 पत्नी के व्यवहार में बदलाव, पति को किया नजरअंदाज़
करीब डेढ़ महीने पहले जब प्रमोद छुट्टियों में घर आया, तो पत्नी के व्यवहार में बड़ा बदलाव दिखा। वह प्रमोद से बात करने से कतराती, तबीयत खराब होने के बहाने बनाती और दूरी बनाए रखती। प्रमोद कुछ समझ नहीं पा रहा था।
🌃 आधी रात को रचाई रासलीला, सास ने देख लिया
एक रात जब प्रमोद, उसकी पत्नी और बच्ची साथ सो रहे थे, तभी रात करीब 12 बजे उसकी पत्नी कमरे से बाहर निकल गई। सास यानी प्रमोद की मां की नजर उस पर पड़ी। बाहर जाकर देखा तो बहू पट्टीदार के युवक समीर (प्रमोद का चचेरा भाई) के साथ आपत्तिजनक स्थिति में थी। इसके बाद पूरे परिवार और आसपास के लोगों को बुला लिया गया।
🧑⚖️ पंचायत बैठी, पत्नी ने प्रेमी के साथ रहने की जताई इच्छा
जब पंचायत बैठी तो पत्नी ने स्पष्ट कहा कि अब वह समीर के साथ ही रहना चाहती है। ऐसे में प्रमोद और परिवार ने समाज के ताने और भविष्य की जटिलताओं को देखते हुए पत्नी की शादी समीर से मंदिर में करवा दी।
💔 शादी के बाद तानों से टूट गई महिला, जान देने पहुंची
शादी के चार दिन बाद गांव के तानों और छींटाकशी से परेशान होकर महिला ने आत्महत्या का प्रयास किया। वह पास के तालाब में कूदने जा रही थी, लेकिन समय रहते गांववालों ने देख लिया और उसे बचा लिया।
🤝 फिर से पंचायत, प्रेमी ने जताया इंकार, पर पंचायत ने सुनाया फैसला
इसके बाद एक बार फिर पंचायत बैठी। इस बार समीर ने महिला के साथ रहने से इनकार कर दिया। लेकिन पंचायत ने कड़ा निर्णय लेते हुए दोनों को साथ रहने का फरमान जारी किया। प्रमोद ने भी कानूनी रूप से तलाक देने की बात कही।
आखिरकार समीर और महिला साथ रहने को राजी हुए और महिला अपनी बच्ची को भी साथ ले गई।
👤 अकेला रह गया प्रमोद
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रमोद ने पत्नी और बच्ची दोनों को खो दिया। गांव में अब वह अकेले रह गया है। उसके लिए यह भावनात्मक और पारिवारिक रूप से बड़ा आघात है।
🔍 मामले पर क्या कहती है कानून व्यवस्था?
अब इस मामले को लेकर कानूनी चर्चा भी हो रही है। पंचायत के फैसलों की वैधानिकता, जबरन शादी और बच्चों के पालन-पोषण के अधिकार को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि प्रमोद के पास अब भी परिवार न्यायालय में अपील करने का रास्ता खुला है।
यह मामला सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि प्रवासी मजदूरों के पीछे छूटे परिवारों की कई कहानियों को उजागर करता है। सामाजिक, मानसिक और भावनात्मक संतुलन कैसे बिखर सकता है — यह घटना उसका जीवंत उदाहरण है।

