नरेश गुनानी
- एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी (HRRL) की प्रगति की मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने की विस्तृत समीक्षा
- अगले कुछ हफ्तों में रिफाइनरी से पेट्रोलियम उत्पादों की निकासी होगी संभव
- डीजल हाइड्रोटीटिंग और मोटर स्पिरिट ब्लॉक जैसी प्रमुख इकाइयां भी कमीशनिंग के उन्नत चरण में
जयपुर/बाड़मेर, 29 मई 2026
राजस्थान की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड’ (एचआरआरएल) से जुड़ी एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। पचपदरा रिफाइनरी में क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) के पुनर्स्थापन (Restoration) का कार्य बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है। आगामी 1 जून 2026 से यहां कमीशनिंग गतिविधियां आधिकारिक रूप से प्रारंभ कर दी जाएंगी। इसके साथ ही, अगले कुछ हफ्तों के भीतर रिफाइनरी से विभिन्न पेट्रोलियम उत्पादों की कमर्शियल निकासी शुरू होने की पूरी संभावना है।
मुख्य सचिव ने की रिफाइनरी परियोजना की उच्च स्तरीय समीक्षा
राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने शुक्रवार को राज्य सरकार, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के शीर्ष अधिकारियों के साथ पचपदरा पहुंचकर रिफाइनरी परियोजना की प्रगति और सीडीयू के पुनर्स्थापन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक के दौरान एचपीसीएल के प्रतिनिधियों ने मुख्य सचिव को आश्वस्त किया कि सीडीयू का काम तय कार्यक्रम और समय-सीमा के अनुरूप पूरी गति से चल रहा है। 1 जून से कमीशनिंग की प्रक्रिया शुरू होते ही पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन का रास्ता साफ हो जाएगा।
उन्नत चरण में पहुंचीं रिफाइनरी की अन्य प्रमुख इकाइयाँ
उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि रिफाइनरी केवल सीडीयू ही नहीं, बल्कि अपने अन्य ब्लॉकों को भी चालू करने के बेहद करीब है। रिफाइनरी की कई अन्य प्रमुख इकाइयां भी इस समय कमीशनिंग के उन्नत (Advanced) चरण में पहुंच चुकी हैं, जिनमें शामिल हैं:
- डीएचडीटी (डीजल हाइड्रोटीटिंग यूनिट)
- पीएफसीसीयू (प्रोपलीन फ्लूड कैटेलिटिक क्रैकिंग यूनिट)
- डीसीयू (डिलेड कोकिंग यूनिट)
- एमएस ब्लॉक (मोटर स्पिरिट ब्लॉक)
राजस्थान के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति
परियोजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान के आर्थिक और औद्योगिक परिदृश्य को बदलने वाली साबित होगी। रिफाइनरी में जैसे ही उत्पादन का काम शुरू होगा, वैसे ही प्रदेश में पेट्रोकेमिकल्स और डाउनस्ट्रीम उद्योगों के विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि देश के ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector) में राजस्थान की भूमिका पहले से कहीं अधिक मजबूत और सशक्त होकर उभरेगी।
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में एचआरआरएल और एचपीसीएल के तकनीकी विशेषज्ञों व वरिष्ठ प्रबंधकों सहित राज्य सरकार के संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी और प्रशासनिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।