पं. गंगा प्रसाद वाजपेयी की ध्वजारोहण स्मृति में मेधावी छात्रों का सम्मान
महापौर पूजा विधानी बोलीं – सेनानियों का त्याग समाज के लिए दर्पण, नगर में बनेगा नालंदा इंस्टिट्यूट
रिपोर्ट: टेलीग्राफ टाइम्स छत्तीसगढ़
By : गणपत चौहान
टेलीग्राफ टाइम्स
अगस्त 08,2025
बिलासपुर।
9 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी के ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ आंदोलन के दौरान मल्टीपरपज विद्यालय के छात्र रहे 14 वर्षीय बालक पं. गंगा प्रसाद वाजपेयी ने 10–12 साथियों के साथ विद्यालय भवन से यूनियन जैक उतारकर तिरंगा फहराया था। इस ऐतिहासिक साहसिक घटना की स्मृति में शुक्रवार को स्वामी आत्मानंद शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्मरण संगोष्ठी एवं मेधावी छात्र सम्मान समारोह का आयोजन हुआ।
ऐतिहासिक बलिदान को किया नमन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में नगर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी उपस्थित रहीं। अध्यक्षता सेवानिवृत्त सिविल सर्जन एवं उत्तराधिकारी संगठन की अध्यक्ष डॉ. शकुंतला जितपुरे ने की।
महापौर ने कहा — “पं. वाजपेयी का जीवन समाज सेवा और देशभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। मात्र 14 वर्ष की उम्र में उनका यह साहस समाज के लिए दर्पण है। आज की पीढ़ी को उनके त्याग और बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और नगर विधायक अमर अग्रवाल की पहल पर कोटा और भिलाई की तर्ज पर बिलासपुर में भी नालंदा इंस्टिट्यूट की स्थापना की जाएगी, जिससे शिक्षा क्षेत्र का विस्तार होगा।

कार्यक्रम की शुरुआत
समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती एवं पं. गंगा प्रसाद वाजपेयी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ। एनसीसी और स्काउट-गाइड के बच्चों ने अमर सेनानियों को सलामी दी।
पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश वाजपेयी ने स्वागत भाषण में कहा कि उन्हें गर्व है कि वे पं. वाजपेयी के पुत्र हैं और उनके पिता ने मात्र 14 साल की उम्र में तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान दिया।
अतिथियों के विचार
- डॉ. शकुंतला जितपुरे ने कहा कि छात्र जीवन से रोपे गए देशप्रेम के बीज, जीवनभर सत्य, अहिंसा और नैतिकता के रूप में पनपते हैं।
- एमआईसी मेंबर एवं पार्षद बंधु मौर्य ने कहा कि अतीत से सीखकर ही वर्तमान को संवारा जा सकता है।
मेधावी छात्रों का सम्मान
विद्यालय की कक्षा 1 से 12 (अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम) में प्रथम स्थान प्राप्त 28 छात्रों को अतिथियों ने स्मृति चिन्ह, श्रीफल एवं शॉल देकर सम्मानित किया। इनमें प्रमुख रूप से नमन कुमार, अयोध्या गुप्ता, अर्नव विश्वकर्मा, करुणा बंजारे, अनन्या विश्वकर्मा, महिमा पटनवार, युवराज बंजारे, अंकिता कुमारी, पलक बाजपेयी, आंचल यादव, अदिति देवांगन, आयुष तिवारी, नीदा खान, काजल राज, कामता साहू, मिथिलेश निषाद, राजीव शर्मा, कुणाल वस्त्रकर, अभिषेक श्रीवास, कुंज विश्वकर्मा, मेहविश बानो रिजवी, विवेक तंबोली, अंशु देवांगन, तुलेश कुमार, ओम किशन पटेल, अरविंद देवांगन, हर्ष देवांगन और पूरे स्कूल की टॉपर वसुंधरा निषाद शामिल रहीं।
छात्रा वसुंधरा विशाल ने मंच से पं. वाजपेयी के व्यक्तित्व पर जीवंत प्रकाश डालते हुए माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया।
आभार व समापन
कार्यक्रम का आभार विद्यालय की प्राचार्य डॉ. चंदन पाल ने व्यक्त किया, जबकि संचालन डॉ. उषा किरण बाजपेयी ने किया।
समारोह में नगर के कई प्रमुख व्यक्तित्व — चंद्रकला त्रिवेदी, राजेश कुमार त्रिवेदी, चंद्र प्रदीप बाजपेयी, अमितेश त्रिवेदी, रामशंकर शुक्ला, अंजू त्रिवेदी, चंद्र आर्य बाजपेयी, शैलेश कुमार शुक्ला, डीके साहू, विजय नारायण, स्मृति तिवारी, सुनीता बनी, डॉ. रश्मि तिवारी, पी. कविता, श्रीमती ए. जिंदल, मिथिलेश दुबे, तृप्ति हार्दिक, आकांक्षा शर्मा, रिंकू मजूमदार, अपर्णा सर, प्रियंका साहू, ईशा सर, आरके साहू, डीजे बग्गा, अमित पांडे सहित बड़ी संख्या में मेधावी छात्रों के अभिभावक, शिक्षकगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों ने स्वल्पाहार का आनंद लिया।