राजस्थान
पंडित प्रदीप मिश्रा के विवादित बयान पर कायस्थ समाज में उबाल, 10 दिन में माफी नहीं मांगी तो देशभर में होगी एफआईआर
Edited By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 17,2025
हरिप्रसाद शर्मा | अजमेर/पुष्कर।
कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा भगवान चित्रगुप्त जी के संबंध में की गई कथित अभद्र टिप्पणी से देशभर के कायस्थ समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस मुद्दे पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा राजस्थान प्रदेश, कायस्थ विकास मंच राजस्थान एवं श्री चित्रगुप्त हरी धाम संस्था पुष्कर की संयुक्त बैठक पुष्कर में आयोजित की गई, जिसमें मिश्रा के बयान की कड़ी निंदा की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि पंडित प्रदीप मिश्रा ने आगामी 10 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से क्षमा नहीं मांगी, तो उनके विरुद्ध भारत के प्रत्येक जिले में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी और व्यापक आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। आंदोलन के तहत काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन भी किया जाएगा।
“भगवान चित्रगुप्त सभी धर्मों के न्यायाधीश”
बैठक की अध्यक्षता श्री चित्रगुप्त हरी धाम पुष्कर के संस्थापक व अखिल भारतीय कायस्थ महासभा राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष चित्रांश उपासक हरप्रसाद माथुर ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा,
“भगवान चित्रगुप्त केवल कायस्थ समाज के पूजनीय नहीं हैं, बल्कि समस्त जीवों के कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाले, त्रिलोक के न्यायाधीश हैं। वे ब्रह्मांडीय न्याय के प्रतीक हैं और सभी धर्म, जाति, समाज में पूजनीय हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि पंडित प्रदीप मिश्रा इससे पहले भी धार्मिक मान्यताओं का उल्लंघन कर चुके हैं। ब्रज क्षेत्र में राधा रानी के प्रति की गई टिप्पणी को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है, और तब उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी। अब भगवान चित्रगुप्त जी के संबंध में की गई टिप्पणी ने कायस्थ समाज की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचाया है।
आंदोलन की तैयारी शुरू
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि मिश्रा के खिलाफ देशभर में जागरूकता अभियान चलाकर कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। बैठक का संचालन मधुप माथुर (प्रवक्ता, अजमेर) ने किया।
बैठक को बी.के. माथुर (राष्ट्रीय संरक्षक, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा), प्रमोद श्रीवास्तव (कार्यकारी अध्यक्ष, राजस्थान), हितेश माथुर (अध्यक्ष, श्री चित्रगुप्त हरी धाम संस्था, पुष्कर) सहित अनेक पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। सभी ने एक स्वर में पंडित प्रदीप मिश्रा से माफी मांगने की मांग की और चेताया कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो कायस्थ समाज सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगा।
धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
समाज के वरिष्ठजनों ने स्पष्ट कहा कि धार्मिक विश्वासों और पूजनीय देवताओं के बारे में असम्मानजनक वक्तव्य किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं। यह केवल कायस्थ समाज नहीं, अपितु पूरे हिंदू समाज का अपमान है, जिसे कानूनी और सामाजिक दोनों स्तर पर चुनौती दी जाएगी।