नरेश गुनानी
जयपुर, 20 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की पालना में आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु पंचायती राज विभाग के शासन सचिव डॉ. जोगाराम ने सोमवार को सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) स्टेट कंट्रोल रूम का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लापरवाही बरतने और आमजन को परेशान करने के मामले में शासन सचिव ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) को 17 सीसीए के तहत चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए हैं।
परिवादियों से सीधा संवाद और शिकायतों का पुनर्मूल्यांकन
शासन सचिव ने कंट्रोल रूम पहुँचकर सीधे परिवादियों से फोन पर संवाद किया और उनकी शिकायतों की वस्तुस्थिति जानी।
- सीधा फीडबैक: डॉ. जोगाराम के समक्ष कुल 24 शिकायतें प्रस्तुत की गईं, जिनमें से उन्होंने 11 परिवादियों से स्वयं बात की।
- असंतोषजनक निस्तारण: संवाद के दौरान केवल 2 परिवादियों ने समाधान पर संतुष्टि व्यक्त की। शेष शिकायतों के निस्तारण में कमियाँ पाए जाने पर उन्होंने अधिकारियों को उन्हें तत्काल ‘रिओपन’ (पुनः खोलने) करने के कड़े निर्देश दिए।
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
निरीक्षण के दौरान दो विशिष्ट मामलों में गंभीर प्रशासनिक लापरवाही सामने आई:
- सीकर (फतेहपुर): नबीपुरा गांव के परिवादी राम प्रताप ने गांव में साफ-सफाई की समस्या दर्ज कराई थी। अधिकारियों ने शिकायत बंद कर दी थी, लेकिन वास्तविकता में सफाई नहीं होने और परिवादी के असंतुष्ट होने पर संबंधित ग्राम विकास अधिकारी को 17 सीसीए की चार्जशीट दी गई।
- टोंक (उनियारा): सेदरी गुजरान के किशन लाल ने एक वर्ष पूर्व मकान के पट्टे के लिए आवेदन किया था, जिसे अभी तक जारी नहीं किया गया। इस विलंब को गंभीर मानते हुए शासन सचिव ने यहाँ के ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध भी 17 सीसीए की कार्यवाही के निर्देश दिए।
संपर्क पोर्टल का रिपोर्ट कार्ड: 95.64% निस्तारण
पोर्टल के आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आया कि पिछले एक वर्ष में पंचायती राज विभाग से संबंधित कुल 2,93,802 प्रकरण दर्ज हुए। इनमें से 2,80,996 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है, जो कुल शिकायतों का 95.64 प्रतिशत है। शासन सचिव ने इस आंकड़े को और बेहतर करने तथा गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
त्वरित निस्तारण हेतु नई व्यवस्था
डॉ. जोगाराम ने हेल्पलाइन 181 के अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
- लंबित और ‘क्रिटिकल’ श्रेणियों वाली शिकायतों की सूचना संबंधित अधिकारियों को तुरंत एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी जाए।
- शिकायतों के समाधान में देरी करने वाले कार्मिकों की जवाबदेही तय की जाए।
इस अवसर पर विभाग के राज्य नोडल अधिकारी राम चंद्र सैनी और सहायक आयुक्त सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह पहल सरकार के सुशासन और घर बैठे नागरिक समस्याओं के समाधान के संकल्प को सुदृढ़ करती है।