पंचायती राज मंत्री ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर योजनाओं की समीक्षा की

जयपुर/ नरेश गुनानी/पंचायती राज मंत्री ने शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने पंचायती राज विभाग की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं और जारी विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि राज्य सरकार के दिशानिर्देशों का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अंतिम छोर पर खड़े पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और सुलभ तरीके से पहुंच सके।

​प्लास्टिक मुक्त राजस्थान और भवनों की गुणवत्ता पर जोर

बैठक के दौरान मंत्री ने ‘प्लास्टिक मुक्त राजस्थान’ अभियान के तहत बर्तन बैंक स्थापित करने तथा विधायक कोष (MLA Fund) के तहत निर्धारित लक्ष्यों को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, अन्नपूर्णा रसोई की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के उद्देश्य से प्रत्येक माह नियमित निरीक्षण करने के आदेश दिए गए।

​निर्माण कार्यों में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायती राज भवनों के निर्माण में किसी भी प्रकार की गुणवत्ताहीन सामग्री या घटिया निर्माण पाए जाने पर संबंधित इंजीनियर, विभागीय अधिकारी और ठेकेदार की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी और कार्रवाई की जाएगी।

​ग्राम सभाएं होंगी मजबूत, जन प्रतिनिधियों को मिलेगा प्रशिक्षण

ग्रामीण लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए मंत्री ने ग्राम सभाओं को अधिक प्रभावी और सक्रिय बनाने पर बल दिया। उन्होंने इसके लिए नए ग्राम सभा रजिस्टर का एक मानक नमूना (फॉर्मेट) तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के बाद चुने जाने वाले नवनिर्वाचित जन प्रतिनिधियों एवं पंचायत कार्मिकों के क्षमतावर्द्धन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए।

​खुले बोरवेल ढकने का अभियान और स्वच्छता समीक्षा

बैठक में स्वच्छता और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति की भी समीक्षा की गई:

  • ​सुरक्षा: गांवों में जानलेवा साबित होने वाले खुले बोरवेलों को पूरी तरह से बंद व ढकने के लिए एक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
  • ​स्वच्छता: व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालयों की कार्यशीलता, उपयोगिता तथा गांवों के तालाबों व जल स्रोतों से जुड़े स्वच्छता कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

​नोडल अधिकारी होंगे नियुक्त और अतिक्रमण पर होगी कार्रवाई

ग्रामीण समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए मंत्री ने निर्देश दिया कि:

  • ​गांवों में श्मशान स्थल, खेल मैदान के विकास तथा मृत पशुओं के उचित निस्तारण से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं।
  • ​आबादी क्षेत्र एवं चारागाह (गौचर) भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों पर अब तक की गई कार्रवाई की बिंदुवार समीक्षा की गई।

​ई-पंचायत पोर्टल और जनसुनवाई पर विशेष फोकस

पारदर्शिता और त्वरित निस्तारण के लिए मंत्री ने अधिकारियों को जनसुनवाई तंत्र और ई-पंचायत पोर्टल को नियमित रूप से अपडेट करने तथा प्राप्त शिकायतों का तय समय सीमा में समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों की भी बिंदुवार अनुपालना रिपोर्ट ली।

​मंत्री ने कहा कि “नए पंचायती राज की परिकल्पना” को धरातल पर उतारने के लिए पंचायतों को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी, प्रभावी और जनभागीदारी पर आधारित संस्था बनाना हमारी प्राथमिकता है।

​बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में डॉ. जोगाराम (शासन सचिव एवं आयुक्त, पंचायती राज), सलोनी खेमका (निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन – ग्रामीण) सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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