नीलाम खनिज ब्लॉकों के मंशापत्रधारक आवश्यक अनुमतियां प्राथमिकता से पूरी करें – प्रमुख सचिव टी. रविकान्त
29 सितम्बर 2025,जयपुर।
प्रमुख सचिव खान, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने नीलाम खनिज ब्लॉकों के मंशापत्रधारकों से कहा कि खानों को जल्द परिचालन में लाने के लिए आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने हेतु सभी औपचारिकताएं प्राथमिकता से पूरी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदन नहीं करने या आधी-अधूरी जानकारी के साथ आवेदन करने से खानों के संचालन में अनावश्यक देरी होती है, जिससे राज्य के खनन विकास पर असर पड़ता है।

सोमवार को खनिज भवन में आयोजित बैठक में 13 संस्थाओं के 22 मंशापत्रधारकों के प्रतिनिधियों से रूबरू होते हुए प्रमुख सचिव ने बताया कि नीलाम खानों का समयबद्ध परिचालन केन्द्र और राज्य सरकार दोनों की प्राथमिकता है। इस दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग ने वरिष्ठ अधिकारी अधीक्षण खनि अभियंता सतर्कता को नोडल अधिकारी नामित किया है, जो मंशापत्रधारकों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी समय-समय पर आयोजित बैठकों में नीलाम खनिज ब्लॉकों को शीघ्र परिचालन में लाने के निर्देश देते रहे हैं। खानों के संचालन शुरू होने से माइनिंग सेक्टर में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
गौरतलब है कि मेजर मिनरल ब्लॉकों के ऑक्शन में राजस्थान देशभर में अग्रणी राज्य बना है। अब केन्द्र और राज्य सरकार इन ब्लॉकों में खनन कार्य जल्द शुरू कराने पर जोर दे रही है। प्रमुख सचिव ने मंशापत्रधारकों द्वारा समय पर आवेदन नहीं करने या अपूर्ण दस्तावेजों के साथ आवेदन करने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि माइनिंग ब्लॉकों के ऑक्शन का मुख्य उद्देश्य उन्हें शीघ्र संचालन में लाना है।
मंशापत्रधारकों को आईबीएम से माइनिंग प्लान का अनुमोदन, वन विभाग से फॉरेस्ट क्लीयरेंस, पर्यावरण विभाग से टर्म ऑफ रेफरेंस (टीओआर) और एनवायरनमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट (ईआईए), जिला कलक्टर से जनसुनवाई, सेक और सिया से पर्यावरण अनुमति, प्रदूषण बोर्ड से कंसेट टू ऑपरेट (सीटीओ) व कंसेट टू एस्टाबलिश (सीटीई) तथा चरागाह भूमि होने की स्थिति में राजस्व विभाग से अनुमति सहित आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करनी होती हैं। अधिकांश मेजर मिनरल ब्लॉक लाइमस्टोन से संबंधित हैं और इनके मंशापत्रधारक प्रमुख रूप से सीमेंट कंपनियां हैं। आवश्यक अनुमतियों में देरी के कारण कई ऑक्शन खानें अभी तक परिचालन में नहीं आ पाई हैं।
बैठक में संयुक्त सचिव माइंस अरविन्द सारस्वत, नोडल अधिकारी पोस्ट ऑपरेशन फेसिलिटेशन प्रताप मीणा, ओएसडी श्रीकृष्ण शर्मा, एसजी सचिवालय सुनील कुमार वर्मा और मंशापत्रधारकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।