जयपुर/ नरेश गुनानी/चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल ने राज्य के सभी राजकीय एवं निजी मेडिकल तथा डेंटल कॉलेजों के नोडल अधिकारियों एवं संस्थान प्रमुखों की उच्चस्तरीय बैठक में सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि नीट यूजी काउंसलिंग-2026 के संचालन के दौरान मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC), राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) और राज्य काउंसलिंग प्लेटफॉर्म द्वारा लागू किए गए नवीन प्रावधानों का पूरी गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए। काउंसलिंग प्रक्रिया के किसी भी स्तर पर लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पारदर्शी और त्रुटिरहित व्यवस्था के लिए अनिवार्य निर्देश
बैठक में काउंसलिंग को पूर्णतः पारदर्शी, त्रुटिरहित और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
- पृथक अधिकारियों की नियुक्ति: राज्य के सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एक नोडल अधिकारी के साथ दो अलग-अलग वेरिफाइंग अधिकारियों की नियुक्ति अनिवार्य की गई है—एक अधिकारी ऑनलाइन सत्यापन के लिए और दूसरा फिजिकल दस्तावेज सत्यापन का कार्य देखेगा।
- समयबद्ध सत्यापन प्रक्रिया: ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पूरा करना होगा। सत्यापन में देरी होने पर संबंधित सीट स्वतः निरस्त हो सकती है।
- तत्काल पोर्टल अपडेट: सभी कॉलेजों को प्रवेश शुल्क संबंधी जानकारी पोर्टल पर तुरंत अपडेट करने और नियमानुसार सीट त्याग (Seat Resignation) की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
- अवकाश के दिनों में भी निर्बाध सेवाएं: काउंसलिंग अवधि के दौरान कॉलेज रिपोर्टिंग कार्यालय और हेल्पलाइन सेवाएं छुट्टियों के दिनों में भी लगातार चालू रहेंगी।
विद्यार्थियों को मिलेंगी नई सुविधाएं
इस वर्ष काउंसलिंग प्रक्रिया को अधिक सरल, सुगम और तकनीक-आधारित बनाने के लिए कई बड़े बदलाव लागू किए गए हैं:
- ‘फ्रीज’ (Freeze) विकल्प: इस विकल्प को चुनने वाले अभ्यर्थियों को आवंटित कॉलेज में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा और प्रवेश शुल्क जमा करना होगा।
- ‘फ्लोट’ (Float) विकल्प: इस विकल्प का चयन करने वाले विद्यार्थियों को अगले चरण में सीट उन्नयन (Upgrade) के लिए 100% ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन की सुविधा मिलेगी। ऐसे अभ्यर्थियों को तीसरे चरण या अंतिम आवंटन तक कॉलेज में व्यक्तिगत रूप से जाने अथवा मूल दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
- विद्यार्थी सहायता प्रणाली: अभ्यर्थियों की मदद के लिए राज्य स्तरीय हेल्पडेस्क, कॉल सेंटर, ई-मेल सहायता प्रणाली, सोशल मीडिया सेल तथा हिंदी व अंग्रेजी में चरणबद्ध मार्गदर्शिका (Guide) वीडियो उपलब्ध कराए जाएंगे।
सीट ब्लॉकिंग पर लगेगी सख्त रोक
राज्य काउंसलिंग बोर्ड और नीट कोर कमेटी राज्य के राउंड-2 के बाद प्रवेश ले चुके अभ्यर्थियों की पूरी तरह से सत्यापित सूची तुरंत पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इस कदम से अलग-अलग राज्यों और ऑल इंडिया कोटा (AIK) में होने वाली सीट ब्लॉकिंग की समस्या से निजात मिलेगी। रिक्त हुई सीटें पुनः काउंसलिंग पूल में आ सकेंगी, जिससे अधिक मेरिट वाले पात्र अभ्यर्थियों को मौका मिल सकेगा।
एनआरआई एवं दिव्यांग (PwD) अभ्यर्थियों के लिए विशेष प्रावधान
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- एनआरआई अभ्यर्थी: सर्वोच्च न्यायालय और एमसीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार एनआरआई श्रेणी के लिए ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन लागू किया गया है। अभ्यर्थियों के प्रायोजक (Sponsor) के वैध अभिभावक होने का प्रमाण-पत्र पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य रहेगा।
- दिव्यांग अभ्यर्थी: दिव्यांग अभ्यर्थियों का मूल्यांकन एनएमसी के संशोधित मानकों के आधार पर होगा। इसके लिए स्थायी यूडीआईडी (UDID) नंबर कार्ड अनिवार्य किया गया है। किसी भी तरह की अपील के त्वरित निस्तारण के लिए एक अलग ‘अपीलीय दिव्यांग मूल्यांकन बोर्ड’ का गठन किया गया है।
अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण परामर्श
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने सभी नीट यूजी-2026 योग्य अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे नियमित रूप से एमसीसी (MCC) और राज्य काउंसलिंग पोर्टल पर दी जा रही अपडेट्स को देखते रहें और काउंसलिंग में भाग लेने से पहले आधिकारिक सूचना पुस्तिका (Information Bulletin) को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
बैठक में राजस्थान नीट यूजी बोर्ड-2026 के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं विभाग के उच्च अधिकारियों ने हिस्सा लिया।