(हरिप्रसाद शर्मा) अजमेर। नीट-2026 परीक्षा पेपर लीक मामले और उसके बाद परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले ने पूरे देश के साथ-साथ राजस्थान के छात्रों में भी भारी आक्रोश भर दिया है। मंगलवार को अजमेर में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार व परीक्षा एजेंसियों के खिलाफ मोर्चा खोला।
सड़क पर जलाए टायर, लगा जाम
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ता बेहद उग्र नजर आए। आक्रोशित छात्रों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के सामने टायर जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं के बीच सड़क पर धरने पर बैठ जाने से कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और जाम की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी।
‘प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में हुआ खेल’ – अंकित घारू
NSUI के जिला अध्यक्ष अंकित घारू ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पेपर लीक की आशंकाएं पहले से ही जताई जा रही थीं, लेकिन जिम्मेदारों ने जानबूझकर इसे नजरअंदाज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि:
”इस पूरे पेपर लीक प्रकरण में प्रभावशाली लोगों और सफेदपोश नेताओं की संलिप्तता है। उनके संरक्षण के बिना इतना बड़ा घोटाला मुमकिन नहीं है। सरकार की लापरवाही का खामियाजा आज देश का वह गरीब छात्र भुगत रहा है, जिसने अपनी रातें काली करके पढ़ाई की थी।”
छात्रों और अभिभावकों पर दोहरी मार
अंकित घारू ने विद्यार्थियों और उनके परिजनों के दर्द को साझा करते हुए कहा कि लाखों छात्रों ने दिन-रात मेहनत की थी। कई अभिभावकों ने कर्ज लेकर या अपनी जमापूंजी लगाकर बच्चों को दूसरे शहरों में परीक्षा दिलाने भेजा था। अब परीक्षा रद्द होने से न केवल उनका आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि छात्र गहरे मानसिक तनाव और निराशा के दौर से गुजर रहे हैं।
प्रमुख माँगें और आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारी छात्र संगठनों ने प्रशासन के माध्यम से सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी माँगें पूरी नहीं हुईं, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा। उनकी मुख्य माँगें इस प्रकार हैं:
- निष्पक्ष जांच: पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- दोषियों की गिरफ्तारी: पेपर लीक माफिया और उनके मददगारों को अविलंब सलाखों के पीछे भेजा जाए।
- पारदर्शी व्यवस्था: भविष्य में आयोजित होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सुरक्षित और पारदर्शी सिस्टम विकसित किया जाए।