नीट परीक्षा विवाद: ‘युवाओं के सपनों पर चला भाजपा सरकार का बुलडोजर’ – प्रताप सिंह खाचरियावास का तीखा हमला

योगेश शर्मा 

जयपुर। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-2026’ (NEET) को लेकर उपजे विवाद और परीक्षा रद्द होने की खबरों के बीच राजस्थान के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। खाचरियावास ने इस घटनाक्रम को ‘देश के करोड़ों युवाओं के सपनों की हत्या’ करार देते हुए शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

‘अमृतकाल’ नहीं, यह ‘विषकाल’ है

​खाचरियावास ने केंद्र सरकार के ‘अमृतकाल’ के नारे पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा का यह शासन काल युवाओं के लिए ‘विषकाल’ साबित हो रहा है। उन्होंने कहा:

​”लाखों विद्यार्थियों ने दिन-रात एक कर मेहनत की। किसी के पिता ने कर्ज लेकर कोचिंग की फीस भरी, तो किसी मां ने अपने गहने गिरवी रख दिए। लेकिन भाजपा की भ्रष्ट और लापरवाह व्यवस्था ने 22 लाख युवाओं के भविष्य पर पानी फेर दिया। यह केवल एक परीक्षा का रद्द होना नहीं, बल्कि एक संगठित भ्रष्टाचार है।”

 

पेपर माफियाओं के कब्जे में सिस्टम

​पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था अब पूरी तरह से पेपर माफियाओं के शिकंजे में आ चुकी है। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक ने यह साबित कर दिया है कि ईमानदार छात्र केवल सजा भुगतने के लिए रह गया है, जबकि पैसे और पहुंच वाले लोग सिस्टम का मजाक उड़ा रहे हैं।

खाचरियावास की प्रमुख मांगें:

​कांग्रेस नेता ने सरकार से युवाओं के हितों की रक्षा के लिए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  1. सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच: पूरे मामले की निष्पक्ष जांच उच्च न्यायालय के निर्देशन में हो।
  2. माफिया-नेताओं के गठजोड़ पर वार: पेपर लीक करने वाले माफियाओं के साथ-साथ उन्हें संरक्षण देने वाले राजनीतिक चेहरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
  3. आर्थिक मुआवजा: उन लाखों छात्रों को मानसिक और आर्थिक क्षतिपूर्ति दी जाए, जिनका समय और पैसा इस अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया।

देश का युवा मांग रहा जवाब

​खाचरियावास ने अपने बयान के अंत में कड़े तेवर अपनाते हुए पूछा कि आखिर कब तक युवाओं के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ जारी रहेगा? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रतिभा की जगह ‘पैसे और पहुंच’ से भविष्य तय होने लगा, तो देश का लोकतंत्र और शिक्षा व्यवस्था दोनों ही गहरे संकट में गिर जाएंगे।

​इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है, और नीट मामले को लेकर युवाओं का आक्रोश सड़कों पर भी दिखाई दे रहा है।

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