नितिन गडकरी ने राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की; मॉनसून से पहले तैयारी के कड़े निर्देश

नई दिल्ली, नरेश गुनानी 

देश में बुनियादी सड़क ढांचे को मजबूत करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त फीडबैक और सूचनाओं के आधार पर राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता और रखरखाव की स्थिति की व्यापक समीक्षा की गई।

​इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्‍टा और हर्ष मल्होत्रा, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित परियोजना ठेकेदार भी उपस्थित रहे।

​12,000 किलोमीटर से अधिक के राजमार्ग नेटवर्क का आकलन

​बैठक के दौरान दोनों राज्यों के विशाल सड़क नेटवर्क की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई:

  • राजस्थान: नितिन गडकरी ने राज्य के 10,064 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता और रखरखाव की स्थिति का गहन आकलन किया।
  • हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में 1,947 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता मानकों की समीक्षा की गई।

​गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक पर विशेष जोर

​केंद्रीय मंत्री ने टिकाऊ, मजबूत और कुशल राजमार्ग अवसंरचना के विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि:

  • ​सभी परियोजनाओं का क्रियान्वयन पूरी तरह से समयबद्ध होना चाहिए।
  • ​निर्माण में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए।
  • ​सड़क निर्माण में उन्नत प्रौद्योगिकियों (Advanced Technologies) और आधुनिक निर्माण पद्धतियों को अनिवार्य रूप से अपनाया जाए।

​नितिन गडकरी ने रेखांकित किया कि एक मजबूत राजमार्ग नेटवर्क न केवल कनेक्टिविटी में सुधार करता है, बल्कि आर्थिक विकास को गति देने, यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और प्रमुख गलियारों में निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

​मॉनसून को लेकर विशेष दिशा-निर्देश

​आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को बड़े पैमाने पर मॉनसून से पहले (Pre-Monsoon) तैयारी करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा:

  • प्रभावी जल निकासी प्रबंधन: सड़कों पर जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त किया जाए।
  • ढलान संरक्षण कार्य (Slope Protection): विशेषकर हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन को रोकने के लिए ढलानों को सुरक्षित किया जाए।
  • सक्रिय निवारक रखरखाव: सड़कों पर होने वाले नुकसान को समय रहते ठीक करने के लिए मेंटेनेंस का काम पहले ही पूरा किया जाए।
  • त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र: किसी भी आपातकालीन स्थिति या मार्ग अवरुद्ध होने पर तुरंत राहत पहुंचाने के लिए रिस्पॉन्स टीम को सक्रिय रखा जाए।

​इन उपायों का मुख्य उद्देश्य मॉनसून के दौरान यातायात में आने वाले व्यवधानों को कम करना, सड़क सुरक्षा को बनाए रखना और सड़कों की दीर्घकालिक मजबूती सुनिश्चित करना है।

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