जयपुर, 21 जून 2026 | गौरव कोचर
राजधानी जयपुर के प्रसिद्ध नाहरगढ़ जैविक उद्यान (बायोलॉजिकल पार्क) में रविवार को पर्यटकों का जबरदस्त सैलाब उमड़ पड़ा। वीकेंड की छुट्टी और बदलते मौसम के सुहावने मिजाज ने लोगों को प्रकृति और वन्यजीवों के करीब आने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान कुल 5,324 पर्यटकों ने पार्क का भ्रमण कर वन्यजीवों को करीब से देखा। राजस्थान की एकमात्र व्हाइट टाइगर सफारी होने के गौरव के साथ यह उद्यान सैलानियों के लिए रोमांच का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।
पहली बार सफारी एरिया में दिखे सफेद बाघ ‘भीम’ और गोल्डन बाघिन ‘स्कंधी’
रविवार का दिन पर्यटकों के लिए बेहद खास रहा। हाल ही में सफेद बाघ ‘भीम’ और उसकी गोल्डन बहन बाघिन ‘स्कंधी’ को जैविक उद्यान के पिंजरों से निकालकर मुख्य टाइगर सफारी एरिया में शिफ्ट किया गया है। अब इन्हें पर्यटकों के दीदार के लिए सफारी में अलग-अलग छोड़ा जा रहा है।
पहली बार सफारी के खुले माहौल में व्हाइट टाइगर को देखकर पर्यटक अभिभूत हो गए। दोनों बाघ भाई-बहन की चंचल अदाओं, अठखेलियों और बाघों की दहाड़ ने सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
लायन और टाइगर सफारी का रोमांचक आंकड़ा
रविवार को पार्क की दो प्रमुख सफारियों—लायन सफारी और टाइगर सफारी—में पर्यटकों का उत्साह चरम पर था:
- कुल सैलानी (पार्क भ्रमण): 5,324
- सफारी का लुत्फ उठाने वाले पर्यटक: 261 से 277 पर्यटकों ने लायन और टाइगर सफारी के जरिए शेरों के शाही ठाठ और बाघों का लाइव रोमांच महसूस किया।
शहर के बीचों-बीच स्थित प्राकृतिक हरियाली और वन्यजीवों का यह अद्भुत संगम जयपुरवासियों और बाहरी पर्यटकों के लिए पारिवारिक सैर का पसंदीदा ठिकाना बन चुका है।
सुदृढ़ प्रबंधन और सघन मॉनिटरिंग
उप वन संरक्षक विजयपाल सिंह के कुशल निर्देशन में पार्क में पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रविवार को भारी भीड़ को देखते हुए एसीएफ देवेंद्र सिंह राठौड़ और रेंजर शुभम शर्मा ने स्वयं सफारी क्षेत्रों की सघन मॉनिटरिंग की और सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
एसीएफ देवेंद्र सिंह राठौड़ की देखरेख में टूरिज्म मैनेजमेंट टीम ने टिकट काउंटर, वाहन सुविधा, दिशा-निर्देश और साफ-सफाई की चाक-चौबंद व्यवस्था की, जिससे पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। वन विभाग की इस सतत निगरानी और बेहतरीन प्रबंधन के कारण ही नाहरगढ़ जैविक उद्यान आज राज्य के सर्वाधिक लोकप्रिय वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शुमार हो गया है।
व्यवस्थाओं में इन सहयोगियों की रही मुख्य भूमिका
संडे रश को सफलतापूर्वक संभालने और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में वन विभाग की टीम के प्रदीप सैनी, राजाराम मीणा, विजेंद्र चौधरी, कैलाश चन्द्र, सरिता चौधरी, बसंती गुर्जर, विमला मीना, हंसा कुमारी, उमेश वसिष्ठ, संतोष मौर्या, छोटी मीना, रामलाल सैनी, बनवारी लाल शर्मा और भंवर सिंह आमला ने अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।