नाहरगढ़ जैविक उद्यान में उमड़ा पर्यटकों का सैलाब: टाइगर और लायन सफारी का 20 दिनों में 30 हजार सैलानियों ने लिया आनंद
| सुनील शर्मा
जयपुर, 21 दिसम्बर। राजधानी जयपुर का नाहरगढ़ जैविक उद्यान इन दिनों पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। बदलते मौसम के सुहावने मिजाज और रविवार की छुट्टी के चलते उद्यान में पर्यटकों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह स्थान रोमांच का नया केंद्र बनकर उभरा है।
एक ही दिन में पहुंचे 4000 से अधिक पर्यटक
रविवार को नाहरगढ़ जैविक उद्यान में कुल 4025 सैलानियों ने भ्रमण किया। वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में नजदीक से देखने के उत्साह ने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से लायन और टाइगर सफारी में पर्यटकों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
सफारी का रोमांच: बाघों की गर्जना और शेरों का शाही अंदाज
उप वन संरक्षक देवेंद्र सिंह राठौड़ ने जानकारी दी कि रविवार को 552 पर्यटकों ने लायन और टाइगर सफारी का विशेष आनंद लिया। बाघों की दहाड़ और शेरों के शाही ठाठ सैलानियों के लिए मुख्य आकर्षण रहे। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 20 दिनों के भीतर 30 हजार से अधिक सैलानी इन सफारियों का रोमांचक अनुभव प्राप्त कर चुके हैं, जो इस पर्यटन सीजन की बड़ी सफलता को दर्शाता है।
सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन पर जोर
पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उप वन संरक्षक विजयपाल सिंह के निर्देशन में सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रविवार को एसीएफ देवेंद्र सिंह राठौड़ और रेंजर शुभम शर्मा ने सफारियों की सघन मॉनिटरिंग की ताकि व्यवस्थाएं सुचारू रहें।
रेंज अधिकारी शुभम शर्मा की देखरेख में टूरिज्म मैनेजमेंट टीम ने भीड़ नियंत्रण और सफारी संचालन का प्रभावी प्रबंधन किया। पर्यटकों को टिकट काउंटर से लेकर वाहन सुविधा और सफाई व्यवस्था तक में पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।
टीम वर्क से मिली सफलता
वन विभाग की सतत निगरानी ने नाहरगढ़ जैविक उद्यान को राज्य के सबसे लोकप्रिय वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल कर दिया है। रविवार की व्यवस्थाओं को सफल बनाने में निम्नलिखित कार्मिकों का विशेष सहयोग रहा:
राजाराम मीणा, विजेंद्र चौधरी, दलीप सिंह शेखावत, कैलाश चन्द्र, सरिता चौधरी, बसंती गुर्जर, छोटी मीना, विमला मीना, संतोष मौर्या, बनवारी लाल शर्मा, सुरेश चंद मीना और भंवर सिंह आमला।
यह उद्यान न केवल मनोरंजन का केंद्र है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।