नाहरगढ़ जैविक उद्यान में रविवार को उमड़ा पर्यटकों का सैलाब
2,316 सैलानियों ने वन्यजीवों का अवलोकन किया, 460 पर्यटकों ने लायन–टाइगर सफारी का रोमांच लिया
सुनील शर्मा
जयपुर, 30 नवंबर। राजधानी जयपुर का नाहरगढ़ जैविक उद्यान रविवार को पर्यटकों की भारी भीड़ से सराबोर रहा। सुहावने मौसम, वीकेंड का उत्साह और प्रकृति की शांत व आकर्षक वातावरण ने आगंतुकों को बड़ी संख्या में यहां खींचा। वन विभाग की सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं और रोमांचक सफारी अनुभवों के कारण उद्यान पूरे दिन पर्यटकों की पसंद का प्रमुख केंद्र बना रहा।
एसीएफ देवेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि रविवार को कुल 2,316 सैलानी उद्यान पहुंचे। इनमें स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटकों ने भी वन्यजीवों को करीब से देखने का आनंद लिया।
इनमें से 460 पर्यटकों ने लायन और टाइगर सफारी का प्रत्यक्ष एवं रोमांचक अनुभव लिया। जंगल की प्राकृतिक पगडंडियों पर सफारी वाहनों के साथ आगे बढ़ते हुए आगंतुकों ने शेरों और बाघों की शक्ति, चंचलता और शाही चाल-ढाल को नजदीक से देखा। कई पर्यटकों ने इस अनुभव को “जीवन का सबसे यादगार पल” बताया।
पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान
उप वन संरक्षक विजयपाल सिंह के निर्देशन में वन विभाग ने रविवार को विशेष व्यवस्थाएं लागू कीं।
- सुरक्षा
- सफाई
- टिकटिंग व्यवस्था
- भीड़ नियंत्रण
- सफारी संचालन
- पर्यटकों को गाइडेंस
- रूट मॉनिटरिंग
इन सभी पहलुओं पर कड़ी निगरानी रखी गई, ताकि आगंतुकों को निर्बाध, सुरक्षित और सुखद अनुभव मिल सके।
एसीएफ देवेंद्र सिंह राठौड़ और रेंजर शुभम शर्मा ने लायन व टाइगर सफारी की निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। पर्यटन प्रबंधन टीम ने टिकट काउंटरों पर तेज सेवा, वाहनों की समयबद्ध उपलब्धता, मार्गदर्शन, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया।
वन्यजीव पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनता नाहरगढ़
नाहरगढ़ जैविक उद्यान पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान का एक प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थल बनकर उभरा है। यहां प्रकृति प्रेमियों और परिवारों के लिए—
- रोमांच
- पर्यावरणीय जागरूकता
- वन्यजीव संरक्षण
- प्राकृतिक आवासों के महत्व
जैसे पहलुओं को समझने का एक अनूठा अवसर उपलब्ध होता है।
उद्यान का हराभरा वातावरण, प्राकृतिक पगडंडियां, वन्यजीवों का सहज व्यवहार और सुरक्षित माहौल इसे पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय अनुभव का केंद्र बनाता है। रविवार की भारी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि नाहरगढ़ जैविक उद्यान जैपुरवासियों और पर्यटकों के लिए प्रकृति का सबसे पसंदीदा ठिकाना बन चुका है।