नारी शक्ति वंदन विधेयक: ‘सशक्त महिला, समर्थ भारत’ के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री ने किया संवाद

रिपोर्ट योगेश शर्मा 

SKIT महिला प्रकोष्ठ की सक्रिय भागीदारी, भविष्य के नेतृत्व पर हुई चर्चा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संसद में ऐतिहासिक नारी शक्ति वंदन विधेयक (महिला आरक्षण बिल) के पारित होने के उपलक्ष्य में राज्यव्यापी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक विशेष संवाद सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में राजस्थान के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों ने भाग लिया, जिसमें स्वामी केशवानंद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (SKIT), जयपुर के महिला प्रकोष्ठ की सक्रिय उपस्थिति प्रमुख रही।

विधेयक एक मील का पत्थर: मुख्यमंत्री

​मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना केवल एक कानूनी सुधार नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

​”यह विधेयक महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। जब देश की नीति-निर्धारण प्रक्रिया में मातृशक्ति की सीधी भागीदारी होगी, तभी हम ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार कर पाएंगे।” — भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री

 

SKIT महिला प्रकोष्ठ का उत्साहजनक योगदान

​कार्यक्रम में SKIT के महिला प्रकोष्ठ (Women’s Cell) की छात्राओं और शिक्षिकाओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री से सीधा संवाद किया। संस्थान की महिला प्रतिनिधियों ने विधेयक का पुरजोर स्वागत करते हुए इसे शैक्षणिक जगत और युवा छात्राओं के लिए एक नई प्रेरणा बताया।

  • नेतृत्व विकास: छात्राओं ने विचार साझा करते हुए कहा कि इस आरक्षण से तकनीकी और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही युवतियों में राजनीति को करियर के रूप में चुनने का आत्मविश्वास बढ़ेगा।
  • सक्रिय सहभागिता: शिक्षिकाओं ने चर्चा के दौरान सुझाव दिया कि भविष्य में नेतृत्व विकास के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जानी चाहिए।

प्रमुख चर्चा बिंदु और सरकारी प्रतिबद्धता

​संवाद के दौरान मुख्यमंत्री की टीम ने प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए और सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया:

विषय

सरकारी प्रतिबद्धता

राजनीतिक भागीदारी

विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सुरक्षित सीटों का प्रभावी क्रियान्वयन।

युवा नेतृत्व

छात्राओं को कॉलेज स्तर से ही सामाजिक और राजनीतिक नेतृत्व के लिए प्रेरित करना।

नीतिगत बदलाव

महिला सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को हर योजना के केंद्र में रखना।

भविष्य की संभावनाएं

​कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी, विशेषकर तकनीकी क्षेत्र की छात्राओं से आह्वान किया कि वे न केवल अपने पेशेवर करियर में उत्कृष्ट बनें, बल्कि देश के नेतृत्व में भी अपनी भूमिका निभाएं।

SKIT महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों ने इस पहल को महिलाओं के लिए “स्वर्ण युग की शुरुआत” बताया। सभी प्रतिभागियों ने इस विश्वास के साथ सत्र का समापन किया कि यह विधेयक आने वाले समय में देश की राजनीति में गुणात्मक सुधार लाएगा और महिलाओं की आवाज़ को और अधिक सशक्त बनाएगा।

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