| गौरव कोचर
— विधायक महेन्द्रपाल मीणा और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में नारी चौपाल का भव्य आयोजन
— ‘हम होंगे कामयाब’ के गीतों से गूंजा परिसर, महिलाओं ने लिया आत्मनिर्भरता का संकल्प
जयपुर, 23 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप और जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के नवाचार ‘सक्षम जयपुर’ अभियान के तहत मंगलवार को जमवारामगढ़ में नारी चौपाल का आयोजन किया गया। उमंग और उल्लास से भरे इस कार्यक्रम में हजारों महिलाओं और बालिकाओं ने हिस्सा लेकर महिला सशक्तिकरण की एक नई इबारत लिखी।
आत्मविश्वास और हुनर का जीवंत प्रदर्शन
चौपाल के दौरान महिलाओं ने न केवल संवाद किया, बल्कि अपनी कला और साहस का भी परिचय दिया। कार्यक्रम में मारवाड़ी लोकगीतों, लोक नृत्यों और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सामाजिक संदेश दिए गए। विशेष रूप से आत्मरक्षा प्रशिक्षण (Self-Defense) के प्रदर्शन ने बालिकाओं में सुरक्षा और आत्मविश्वास का संचार किया। “मेरा काम—मेरा सम्मान” जैसी प्रस्तुतियों के जरिए महिलाओं ने स्वावलंबन का संदेश दिया, जबकि सफल महिलाओं ने अपनी संघर्ष गाथाएं साझा कर अन्य प्रतिभागियों को प्रेरित किया।
मौके पर ही मिली सरकारी योजनाओं की जानकारी
नारी चौपाल की सबसे बड़ी विशेषता विभिन्न विभागों का एक ही छत के नीचे मौजूद होना रहा। महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश डोगीवाल ने बताया कि कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा, शिक्षा, पुलिस और सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों ने महिलाओं से सीधा संवाद किया।
- कार्यक्रम स्थल पर सहायता काउंटर लगाए गए।
- स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं का मार्गदर्शन दिया गया।
- महिलाओं ने ‘सक्षम जयपुर’ अभियान के समर्थन में हस्ताक्षर किए और ‘बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’ की शपथ ली।
अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में जमवारामगढ़ विधायक महेन्द्रपाल मीणा, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मृणाल कुमार और उपखण्ड अधिकारी ललित मीणा ने शिरकत की। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी मृणाल कुमार ने विभिन्न प्रतियोगिताओं की विजेता बालिकाओं और महिलाओं को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया।
अब पूरे जिले में गूंजेगी नारी चौपाल
डॉ. राजेश डोगीवाल ने जानकारी दी कि जिला कलक्टर के निर्देशानुसार जयपुर जिले के सभी उपखण्डों में चरणबद्ध रूप से नारी चौपालों का आयोजन किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लिंगानुपात में सुधार लाना, महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में समान अवसर उपलब्ध कराना है।
यह चौपाल केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न बनकर महिलाओं के लिए संवाद, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन का एक सशक्त माध्यम साबित हो रही है, जो भविष्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

