‘नारी चौपाल’ में उमंग, उत्साह और सशक्तिकरण का संगम – जालसू से शुरू हुई जिलेव्यापी श्रृंखला
सुनील शर्मा
जयपुर, 24 सितम्बर 2025। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार सक्षम जयपुर अभियान और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जयपुर जिले में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के लिए बुधवार को जालसू से ‘नारी चौपाल’ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर आयोजित इस पहले कार्यक्रम ने उत्साह, उमंग और उल्लास का अनूठा रंग बिखेरा।

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में हुए इस आयोजन में हजारों महिलाओं और बालिकाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने हुनर का प्रदर्शन किया। जिला प्रमुख रमादेवी चोपड़ा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित चौपाल में मारवाड़ी गीत, लोक नृत्य, नुक्कड़ नाटक, आत्मरक्षा प्रशिक्षण जैसी विविध गतिविधियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। विजेताओं को जिला प्रमुख रमादेवी चोपड़ा और जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा ने सम्मानित किया।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी और भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु मृणाल ने बताया कि नारी चौपाल का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त और जागरूक बनाना है। यहां उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं, अधिकारों और कल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी और उनकी समस्याओं व सुझावों को सीधे सुना जाएगा।
महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश डोगीवाल ने कहा कि नारी चौपाल समाज में लिंगानुपात सुधार, महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर संवाद का मंच बनेगा। इसके माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, नियमों और अधिनियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि समतामूलक समाज का निर्माण हो सके।
चौपाल में महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा, शिक्षा, पुलिस, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने महिलाओं से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, पोषण, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर जानकारी दी और उन्हें प्रेरित करने के लिए सफलता की कहानियां साझा कीं। मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए सहायता काउंटर भी लगाए गए।
डॉ. डोगीवाल ने बताया कि जयपुर जिले के सभी उपखंडों में नारी चौपाल का आयोजन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। यह कार्यक्रम केवल संवाद का मंच नहीं बल्कि महिलाओं को आत्मविश्वास, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने का अवसर है। उम्मीद है कि इस श्रृंखला से हजारों महिलाओं को सीधे लाभ मिलेगा और समाज में उनकी भागीदारी और मजबूत होगी।