जयपुर / नरेश गुनानी/ राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के राजस्थान क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा जयपुर में गरिमामय समारोह के साथ 45वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस विशेष अवसर पर ग्रामीण राजस्थान की आजीविका को सुदृढ़ करने और “विकसित राजस्थान @2047” के विजन को साकार करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास (आईएएस) और विशिष्ट अतिथि के रूप में नाबार्ड के उप प्रबंध निदेशक (DMD) राकेश कश्यप उपस्थित रहे। नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. आर. रवि बाबू ने सभी का स्वागत करते हुए राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया आकार देने में नाबार्ड की चार दशकों से अधिक की परिवर्तनकारी और ऐतिहासिक यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला।

बुनियादी ढांचा विकास और महिला किसानों पर विशेष ध्यान
समारोह को संबोधित करते हुए राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास (आईएएस) ने राज्य में बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के विकास के लिए नाबार्ड द्वारा दिए गए निरंतर सहयोग की सराहना की।
- महिला सशक्तिकरण पर जोर: मुख्य सचिव ने एक मजबूत ग्रामीण वित्तीय प्रणाली की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया।
- महिला किसान वर्ष 2026: उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा घोषित “महिला किसानों के अंतर्राष्ट्रीय वर्ष 2026” के महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि एक समृद्ध, लचीले और प्रगतिशील ग्रामीण राजस्थान के निर्माण में नाबार्ड आगामी वर्षों में अत्यंत आवश्यक भूमिका निभाएगा।
छोटे किसानों का संबल और जलवायु परिवर्तन से मुकाबला
नाबार्ड के उप प्रबंध निदेशक (DMD) राकेश कश्यप ने वर्ष 1982 से लेकर अब तक संगठन के क्रमिक विकास और यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि कैसे नाबार्ड की रणनीतिक प्राथमिकताएं भारत सरकार और राजस्थान सरकार के विकास लक्ष्यों के साथ गहराई से जुड़ी हुई हैं।
- छोटे और सीमांत किसानों का साथ: नाबार्ड ने निरंतर देश के छोटे और सीमांत किसानों के हितों का पुरजोर समर्थन किया है। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और किसान क्लबों की शुरुआत से लेकर किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को बढ़ावा देने तक, नाबार्ड ने हर कदम पर किसानों का हाथ थामा है।
- स्वयं सहायता समूह (SHG): एसएचजी-बैंक लिंकेज कार्यक्रम जैसी बड़ी और सफल पहलों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया गया है।
- जलवायु परिवर्तन की चुनौती: राकेश कश्यप ने किसानों की आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में नाबार्ड की सक्रिय और अग्रगामी भूमिका पर भी जोर दिया।
महत्वपूर्ण पुस्तिकाओं का विमोचन और प्रतिभाओं का सम्मान
इस गौरवमयी समारोह के दौरान ग्रामीण विकास से जुड़ी दो अत्यंत महत्वपूर्ण पुस्तिकाओं— “नाबार्ड इन राजस्थान 2025-26” और “ट्रांसफॉर्मिंग रूरल राजस्थान” का विमोचन किया गया। यह पुस्तिकाएं राज्य के ग्रामीण विकास की रूपरेखा और उपलब्धियों को दर्शाती हैं।
इसके साथ ही, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बेहतरीन और अभिनव योगदान देने वाले जमीनी नायकों को मंच पर सम्मानित किया गया:
- राज्य के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले FPOs, SHGs और पैक्स (PACS) को पुरस्कृत किया गया।
- उत्कृष्ट कार्य करने वाले कारीगरों को उनके योगदान के लिए सराहा गया।
- पर्यावरण और कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक ठोस कदम उठाते हुए, दो ‘जीवा (JIVA)’ परियोजनाओं के समर्थन के लिए अनुदान चेक वितरित किए गए, जो जलवायु-अनुकूल कृषि को गति देंगे।
बैंकिंग और प्रशासनिक क्षेत्र के दिग्गज रहे मौजूद
इस उच्च स्तरीय कार्यक्रम में सहकारिता, बैंकिंग और प्रशासनिक क्षेत्र के कई वरिष्ठ नीति निर्माताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में डॉ. समित शर्मा (आईएएस, सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग), रंजीव शंकर (क्षेत्रीय निदेशक, आरबीआई), ओंकार नाथ चौधरी (सीजीएम, एसबीआई), सुरिंदर पाल सिंह (सीजीएम, पीएनबी) तथा सुश्री परिमिता मिश्रा (जीएम एवं एसएलबीसी संयोजक) सहित अन्य वरिष्ठ बैंकिंग अधिकारी, विभिन्न वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि और नाबार्ड के कर्मचारी उपस्थित रहे।