नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’, मुख्यमंत्री की सीधी चेतावनी—काम करो या कुर्सी छोड़ो
राजेश चतुर्वेदी विशेष लेख
| योगेश शर्मा
जयपुर। राजस्थान को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए राज्य सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गृह विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट कर दिया है कि “ड्रग्स फ्री राजस्थान” महज एक नारा नहीं, बल्कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 13 दिसंबर 2025 को उठी चिंताओं को अब सरकारी संकल्प का बल मिल गया है।
तस्करी का खौफनाक बढ़ता ग्राफ
पिछले तीन वर्षों के आंकड़े प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए खतरे की घंटी हैं। नशा तस्करों के नेटवर्क की पैठ का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है:
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वर्ष |
पुलिस कार्रवाई (NDPS मामले) |
वृद्धि दर |
|---|---|---|
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2023 |
4,872 |
– |
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2025 |
6,256 |
~30% |
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश: ‘सस्पेंशन नहीं, अब होगी बर्खास्तगी’
मुख्यमंत्री ने मंगलवार की बैठक में पुलिस महकमे को दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है। उनके निर्देशों के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- थानेदारों की सीधी जवाबदेही: यदि किसी थाना क्षेत्र में ड्रग्स की बिक्री पाई गई, तो बीट कांस्टेबल के साथ-साथ सीधे थाना प्रभारी (SHO) पर सख्त कार्रवाई होगी।
- काली भेड़ों की पहचान: विभाग में छिपे उन कर्मियों को चिन्हित किया जाएगा जो तस्करों के साथ साठगांठ रखते हैं। ऐसे कर्मियों के लिए अब केवल सस्पेंशन नहीं, बल्कि बर्खास्तगी (Dismissal) का प्रावधान होगा।
- इंटर-एजेंसी टीम वर्क: एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और स्थानीय पुलिस के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित किया जाएगा।
सफलता के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ के मुख्य स्तंभ
प्रशासनिक सुधारकों और विशेषज्ञों का मानना है कि इस अभियान की सफलता तीन मुख्य स्तंभों पर टिकी है:
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- इंटेलिजेंस नेटवर्क: निचले स्तर पर मुखबिर तंत्र को पुनर्जीवित करना ताकि तस्करों की सप्लाई चेन को जड़ से काटा जा सके।
- तकनीकी हस्तक्षेप: पंजाब और केरल की तर्ज पर ‘ड्रग मैपिंग’ और अपराधियों की डिजिटल ट्रैकिंग।
- सामुदायिक भागीदारी: जनता में विश्वास पैदा करना ताकि वे बिना डरे नशा बेचने वालों की गुप्त सूचना प्रशासन को दे सकें।
“सरकार ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है। अब जिम्मेदारी ‘खाकी’ की है कि वह मुख्यमंत्री की खींची गई इस लक्ष्मण रेखा का मान रखे और राजस्थान की युवा पीढ़ी को इस दलदल से सुरक्षित बाहर निकाले।”