नशे के खिलाफ जयपुर पुलिस का ‘बिगुल’: ‘नो टू ड्रग्स – वेक अप जयपुर’ अभियान का आगाज

गौरव कोचर 

जयपुर, 09 अप्रैल 2026

गुलाबी नगरी को नशामुक्त बनाने और युवा पीढ़ी को मादक पदार्थों के जाल से बाहर निकालने के लिए जयपुर पुलिस ने एक निर्णायक जंग छेड़ दी है। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने ‘बिगुल: नो टू ड्रग्स – वेक अप जयपुर’ (NO TO DRUGS – WAKE UP JAIPUR) अभियान की औपचारिक घोषणा की है। यह अभियान न केवल नशे के सौदागरों पर प्रहार करेगा, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से युवाओं को जागरूक करने का एक बड़ा मंच भी बनेगा।

क्यों पड़ी इस अभियान की जरूरत?

​पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने बताया कि नशे की तस्करी और बिक्री के खिलाफ कानून तो सख्त हैं, लेकिन सामाजिक बदलाव और जागरूकता के बिना इस समस्या को जड़ से खत्म करना संभव नहीं है। आज के दौर में बढ़ते शहरीकरण, एकल परिवार और अभिभावकों की व्यस्तता के कारण युवा अकेलेपन का शिकार होकर गलत संगति में पड़ रहे हैं। इस खाई को पाटने के लिए पुलिस, शिक्षक और समाज को एक साथ आना होगा।

अभियान के मुख्य स्तंभ और गतिविधियां

​जयपुर पुलिस ने इस अभियान को बहुआयामी बनाया है, जिसके तहत निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे:

  • शैक्षणिक संस्थानों पर फोकस: स्कूल और कॉलेजों में विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक और कानूनी दुष्प्रभावों के बारे में बताया जाएगा।
  • रचनात्मक जागरूकता: निबंध, पोस्टर मेकिंग, चित्रकला, फोटोग्राफी प्रतियोगिताएं और नुक्कड़ नाटकों के जरिए संदेश फैलाया जाएगा।
  • कठोर कानूनी कार्रवाई: स्कूलों और कॉलेजों के आसपास नशा बेचने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी एक्शन लिया जाएगा।
  • काउंसलिंग और पुनर्वास: नशे की गिरफ्त में आ चुके छात्रों की काउंसलिंग की जाएगी और उन्हें नशामुक्ति केंद्रों के भ्रमण के जरिए सुधार की राह दिखाई जाएगी।
  • शपथ कार्यक्रम: विद्यार्थियों को जीवन भर नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई जाएगी।

अभियान की समय-सीमा और कार्ययोजना

​जयपुर पुलिस ने इस अभियान को व्यवस्थित रूप देने के लिए एक कैलेंडर तैयार किया है:

  1. प्रथम चरण: अभियान का मुख्य हिस्सा मई माह में शैक्षणिक संस्थान खुलने के साथ शुरू होगा।
  2. विशेष ड्राइव: 10 मई से 25 मई तक सघन कार्रवाई और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट 26 मई तक आयुक्त कार्यालय को सौंपी जाएगी।
  3. निरंतरता: प्रथम चरण के बाद, यह अभियान प्रत्येक माह की 1 से 15 तारीख तक नियमित रूप से संचालित किया जाएगा।

साझा जिम्मेदारी से होगा बदलाव

​पुलिस आयुक्त ने अपील की है कि यह केवल पुलिस का अभियान नहीं है, बल्कि इसमें स्वयंसेवी संगठनों (NGOs), विद्यालय प्रबंधन और संभ्रांत नागरिकों की सहभागिता अनिवार्य है। इस संयुक्त प्रयास का अंतिम लक्ष्य एक स्वस्थ, सुरक्षित और अपराध मुक्त जयपुर की स्थापना करना है।

“स्वस्थ एवं सशक्त युवा पीढ़ी ही राष्ट्र की उन्नति का आधार है। आइए, नशे के खिलाफ इस बिगुल में जयपुर पुलिस का साथ दें।”

सचिन मित्तल, पुलिस आयुक्त, जयपुर

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