नवीन आपराधिक कानून और एआई पर पुलिस प्रदर्शनी: जेईसीसी जयपुर में तकनीकी सत्रों की धूम

नवीन आपराधिक कानून और एआई पर पुलिस प्रदर्शनी: जेईसीसी जयपुर में तकनीकी सत्रों की धूम

जयपुर, 18,अक्टूबर 2025

गौरव कोचर •

जयपुर के जेईसीसी (जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर) में आयोजित पुलिस प्रदर्शनी “नवीन कानून और एआई: न्याय और सुरक्षा का नया युग” चौथे दिन भी जोर-शोर से जारी रही। राज्य सरकार द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी नए आपराधिक कानूनों की प्रभावी क्रियान्वयन और पुलिसिंग में तकनीकी नवाचारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रमुख मंच साबित हो रही है।

पुलिसिंग में एआई और तकनीकी नवाचारों पर मंथन

प्रदर्शनी में आयोजित तकनीकी सत्रों की शुरुआत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और पुलिसिंग में इसके अनुप्रयोगों पर हुई।

  • क्षितिज वर्मा, इंडिपेंडेंट रिसर्चर ने AI की वर्तमान स्थिति और उसके संभावित उपयोगों पर प्रकाश डाला।
  • एडीजी पुलिस एटीएस एवं एसओजी, वी. के. सिंह ने बताया कि कैसे नए कानूनों के आलोक में AI तकनीक अपराध रोकथाम और जांच में चुनौतियों का समाधान प्रदान कर सकती है।
  • इस सत्र में लगभग 160 पुलिस अधिकारी शामिल थे, जिनमें निदेशक राजस्थान पुलिस अकादमी, आईजी एससीआरबी अजय पाल लाम्बा, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

फोरेंसिक विज्ञान और एफएसएल की बदलती भूमिका

प्रदर्शनी के दूसरे सत्र में फोरेंसिक विज्ञान और नवीन कानूनों में एफएसएल (Forensic Science Laboratory) की भूमिका पर चर्चा हुई।

  • पैनल में डायरेक्टर एफएसएल जयपुर अजय शर्मा, सेवानिवृत्त डायरेक्टर एफएसएल एस. एस. डागा, और कैंपस डायरेक्टर एनएफएसयू राखी अग्रवाल शामिल थे।
  • इस सत्र में 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया और उन्होंने एफएसएल की बदलती भूमिका, डिजिटल साक्ष्य और अपराध जांच में फॉरेंसिक तकनीकों पर विशेषज्ञों के साथ संवाद किया।

जेल सुधार और कानूनी प्रावधानों पर विशेष पैनल

बीकानेर रेंज के पुलिस और जेल विभाग के अधिकारियों का विशेष पैनल आयोजित किया गया।

  • महानिरीक्षक जेल जयपुर, विक्रम सिंह ने जेल सुधारों और नवीन कानूनों के प्रभाव पर विस्तृत जानकारी दी।
  • इस सत्र में 190 अधिकारियों ने भाग लिया और नए कानूनों के तहत जेल प्रशासन में नवाचारों और सुधारों पर गहन चर्चा की।

नवीन कानूनों के क्रियान्वयन में चुनौतियों पर विचार-विमर्श

उदयपुर रेंज के पुलिस अधिकारियों के लिए आयोजित सत्र में नवीन कानूनों के प्रमुख प्रावधान, तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्य पर विशेष ध्यान दिया गया।

  • सहायक निदेशक अभियोजन रमेश चौधरी और पुलिस निरीक्षक धीरज वर्मा ने विधिक प्रावधानों और लागू करने में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की।
  • इस सत्र में कांस्टेबल स्तर से लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर तक के 180 अधिकारी शामिल हुए।

पुलिस अधिकारियों को नए युग के लिए तैयार करना

इन तकनीकी और ज्ञानवर्धक सत्रों का उद्देश्य पुलिस बल को नवीन कानूनों और आधुनिक तकनीक के साथ तालमेल बिठाने में सक्षम बनाना है।

  • प्रदर्शनी के दौरान कानून प्रवर्तन में AI, डिजिटल साक्ष्य, फॉरेंसिक प्रक्रियाओं और जेल सुधारों पर गहन संवाद हुआ।
  • यह पहल पुलिस और न्याय प्रणाली के आधुनिक, वैज्ञानिक और पारदर्शी ढांचे को आमजन के लिए भी सुलभ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।

 

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