नई दिल्ली/नरेश गुनानी/ भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो (BRESE) 2026 का आयोजन 2 से 5 नवंबर 2026 तक नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में किया जाएगा। यह घोषणा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने BRESE 2026 के curtain-raiser (शुरुआती कार्यक्रम) को संबोधित करते हुए की।
यह आयोजन इसलिए बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि इतिहास में पहली बार स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के तीन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एक ही मंच पर आयोजित हो रहे हैं:
- भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो (BRESE 2026)
- अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) असेंबली का 9वां सत्र
- ग्रीन हाइड्रोजन पर चौथी अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस (ICGH)
प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन, ‘ऊर्जा चक्र’ लोगो और ऐप लॉन्च
कार्यक्रम के दौरान मंत्री प्रल्हाद जोशी ने BRESE 2026 के आधिकारिक लोगो ‘ऊर्जा चक्र’ का अनावरण किया। इसके साथ ही सम्मेलन के लिए एक डिजिटल पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च किया गया।
मंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विशाल शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करने की सहमति व्यक्त की है। प्रधानमंत्री की उपस्थिति “विकसित भारत” के लक्ष्य और वैश्विक सतत विकास में नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
सम्मेलन की मुख्य बातें और वैश्विक भागीदारी
- एक मंच पर पूरी सप्लाई चेन: यह एक्सपो नवीकरणीय ऊर्जा डेवलपर्स, टेक्नोलॉजी कंपनियों, मैन्युफैक्चरर्स, बैटरी स्टोरेज फर्मों, ग्रीन हाइड्रोजन कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और निवेशकों को एक साथ लाएगा।
- विशाल अंतरराष्ट्रीय भागीदारी: सम्मेलन के लिए 34 देशों को विशेष निमंत्रण भेजा गया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) ने अपनी असेंबली के लिए 128 देशों को आमंत्रित किया है।
- 300 गीगावाट का लक्ष्य: भारत जल्द ही गैर-जीवाश्म ईंधन से बिजली उत्पादन की 300 गीगावाट (GW) क्षमता का ऐतिहासिक पड़ाव पार करने वाला है।
- पीएम सूर्य घर योजना: आने वाले कुछ हफ्तों में ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के लाभार्थियों का आंकड़ा 50 लाख परिवारों तक पहुंचने की उम्मीद है।
राज्यों की भागीदारी और ‘सहकारी संघवाद’
विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने कार्यक्रम में बताया कि भारत का ऊर्जा बदलाव राज्यों के साझा प्रयासों का परिणाम है:
- राजस्थान अपने विशाल सौर संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर रहा है।
- गुजरात के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा पार्क तैयार हो रहा है।
- अन्य राज्य हाइड्रोपावर, फ्लोटिंग सोलर, बायोमास और विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा पर काम करके सहकारी व प्रतिस्पर्धी संघवाद की मिसाल पेश कर रहे हैं।
भारत के ऊर्जा बदलाव के 4 मुख्य स्तंभ
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी ने स्पष्ट किया कि भारत में नवीकरणीय ऊर्जा का रोडमैप मुख्य रूप से चार स्तंभों पर टिका है:
- नीतियों में निरंतरता और स्थिरता
- बाजार का निर्माण (Market Creation)
- व्यवस्थागत विकास
- ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में ध्यान बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (BESS), हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स, एग्रीवोल्टाइक्स और नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के माध्यम से क्षमता बढ़ाने पर रहेगा।