जनजातीय शौर्य और खेल प्रतिभा का संगम
नवा रायपुर, छत्तीसगढ़
| गणपत चौहान
छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर में देश के पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस गौरवशाली अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री, केंद्रीय खेल मंत्री और कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने शिरकत की। यह आयोजन न केवल खेलों के प्रति उत्साह का प्रतीक है, बल्कि देश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और इतिहास को सम्मान देने का एक सशक्त मंच भी बनकर उभरा है।

शहीद वीर नारायण सिंह के नाम समर्पित स्टेडियम
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विशेष रूप से उल्लेख किया कि नवा रायपुर स्थित देश का दूसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम जनजातीय नायक शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर रखा गया है। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह को राज्य के गौरव और प्रेरणा का प्रतीक बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती जनजातीय शौर्य और बलिदान की भूमि है।
खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:
”छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल होने के साथ-साथ गेंद सिंह और गुण्डाधुर जैसे महान क्रांतिकारियों की कर्मभूमि भी है। इनके सम्मान में नवा रायपुर में एक अत्याधुनिक म्यूजियम बनाया गया है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।”
उन्होंने देशभर से आए खिलाड़ियों से आग्रह किया कि वे खेल के साथ-साथ इस म्यूजियम को भी देखें और क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास से परिचित हों।
खेल संस्कृति का विस्तार: केंद्रीय मंत्री का संबोधन
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस आयोजन को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने घोषणा की कि ट्राइबल गेम्स की यह श्रृंखला आने वाले वर्षों में भी जारी रहेगी। मांडविया ने ‘फिट इंडिया’ और ‘खेलो इंडिया’ जैसे अभियानों की सफलता को रेखांकित करते हुए कहा कि आज खेल केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह एक संतुलित जीवन शैली का हिस्सा बन चुके हैं।
- युवा शक्ति: देश की 65% से अधिक युवा आबादी में अपार क्षमता है।
- समावेशी खेल: अब खेल प्रतिभाएं केवल महानगरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दूरदराज के जनजातीय क्षेत्रों से भी निकलकर सामने आ रही हैं।
सांस्कृतिक गौरव और ऐतिहासिक संयोग
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने नवरात्रि के पावन अवसर पर इस आयोजन के शुभारंभ को एक शुभ संयोग बताया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज ने हमेशा अपनी वीरता और परिश्रम से राष्ट्र को प्रेरित किया है। वहीं, कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विश्वास जताया कि यह आयोजन जनजातीय युवाओं को विश्व मंच तक ले जाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा, जिससे ‘स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ के प्रयासों का सीधा लाभ खिलाड़ियों को मिलेगा।
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति
इस गरिमामय समारोह में कई गणमान्य नागरिक और अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं:
- मंत्री: राजेश अग्रवाल (संस्कृति), गजेंद्र यादव (स्कूल शिक्षा)
- सांसद व विधायक: राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, सुनील सोनी, अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, इंद्र कुमार साव।
- प्रशासनिक: महापौर मीनल चौबे, मुख्य सचिव विकासशील और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी।
यह आयोजन न केवल खेल स्पर्धाओं का केंद्र है, बल्कि यह भारत की जनजातीय विरासत को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
