नवाचार और संवेदनशीलता के साथ करें वन संपदा का संरक्षण: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास

नवाचार और संवेदनशीलता के साथ करें वन संपदा का संरक्षण: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास

जयपुर, 06 जनवरी 2026

| नरेश गुनानी

​भारतीय वन सेवा (IFS) के 2024 बैच के राजस्थान कैडर के सात प्रशिक्षु अधिकारियों ने मंगलवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान मुख्य सचिव ने युवा अधिकारियों को प्रदेश की प्राकृतिक विरासत को सहेजने और प्रशासनिक कुशलता के साथ कार्य करने का मंत्र दिया।

फ़ोटो टेलीग्राफ टाइम्स

जैव विविधता और युवा नेतृत्व पर जोर

​मुख्य सचिव ने अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि राजस्थान अपनी अनोखी जैव विविधता के लिए विश्व विख्यात है। यहाँ एक ओर विशाल थार मरुस्थल है, तो दूसरी ओर समृद्ध वन क्षेत्र, विश्व प्रसिद्ध अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान हैं। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा:

​”आप स्वयं पर अटूट विश्वास रखें। अपनी युवा सोच और नवीन तकनीकी विचारों के माध्यम से राजस्थान की अमूल्य वन संपदा और दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण में अपनी भूमिका सुनिश्चित करें।”

 

बहुआयामी कार्य अनुभव और संस्मरण

​संवाद के दौरान मुख्य सचिव ने अपने स्वयं के प्रशिक्षण काल के अनुभवों और संस्मरणों को साझा किया। उन्होंने बताया कि राजस्थान एक ऐसा प्रदेश है, जहाँ वनाधिकारियों को ग्रामीण और शहरी—दोनों क्षेत्रों में कार्य करने का व्यापक और बहुआयामी अनुभव प्राप्त होता है। चर्चा के दौरान उन्होंने राज्य में समय के साथ आए सकारात्मक बदलावों, वाटरशेड विकास, प्रजाति संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रकाश डाला।

प्रशासनिक मंत्र: संवेदनशीलता और समयबद्धता

​मुख्य सचिव ने राज्य सरकार की 181 हेल्पलाइन का उदाहरण देते हुए सेवा के प्रति जवाबदेही का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा:

  • त्वरित निस्तारण: जिस तरह 181 हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायतों का औसतन 20 दिनों में समाधान किया जा रहा है, उसी तरह अधिकारियों को भी आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।
  • मर्यादा और नियम: प्रशासनिक सेवा में रहते हुए नियमों और मर्यादाओं का पालन करते हुए प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाना अनिवार्य है।
  • जन-केंद्रित दृष्टिकोण: अधिकारी जनता की समस्याओं को केवल सुनें नहीं, बल्कि उन्हें समझकर प्रभावी समाधान भी निकालें।

प्रमुख उपस्थिति

​इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) शिखा मेहरा भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों का परिचय कराया। 2024 बैच के ये सात अधिकारी अब राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में अपने व्यावहारिक प्रशिक्षण (फील्ड ट्रेनिंग) के माध्यम से प्रदेश की पारिस्थितिकी को समझने और सुधारने का कार्य करेंगे।

​यह मुलाकात युवा अधिकारियों के लिए न केवल औपचारिक परिचय था, बल्कि राजस्थान की वन नीति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को समझने का एक महत्वपूर्ण सत्र भी रहा।

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