नवाचार और उद्यमिता का शानदार संगम: जयश्री पेरीवाल हाई स्कूल में ‘स्मार्ट सैलिंग’ प्रतियोगिता का भव्य आयोजन

जयपुर/ योगेश शर्मा/जयश्री पेरीवाल हाई स्कूल के कॉमर्स डिपार्टमेंट द्वारा हाल ही में अपनी वार्षिक मेगा इंटर-हाउस प्रतियोगिता ‘स्मार्ट सैलिंग’ का भव्य आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों के लिए एक ऐसा अनूठा मंच साबित हुई, जहां रचनात्मकता, नवाचार और उद्यमिता का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को अपने लीक से हटकर सोचने वाले विचारों (Innovative Ideas) को व्यावहारिक व्यावसायिक समाधानों (Business Solutions) में बदलने का अवसर प्रदान करना था।

​दमदार पिच, रणनीतिक सोच और प्रभावशाली प्रेजेंटेशन के माध्यम से इन युवा छात्र-उद्यमियों ने न केवल अपने अनोखे उत्पाद प्रस्तुत किए, बल्कि जजों के सामने यह भी साबित कर दिया कि उनके विचार भविष्य में एक बड़े निवेश और विश्वास के योग्य हैं।

कक्षा 11 के युवा उद्यमियों के ‘आउट ऑफ द बॉक्स’ आइडियाज

​प्रतियोगिता में कक्षा 11 के उभरते हुए छात्र-उद्यमियों ने निर्णायक पैनल के समक्ष अपने दूरदर्शी स्टार्टअप आइडियाज पेश किए, जिन्होंने सभी को हैरत में डाल दिया। प्रस्तुतियों में मुख्य रूप से ये स्टार्टअप्स आकर्षण का केंद्र रहे:

  • ब्रेथ वीव (Breath Weave): इन्होंने वायु को शुद्ध करने वाले ऐसे विशेष पर्दों की अवधारणा पेश की, जो न केवल बाहर से आने वाली प्रदूषित हवा को रोकते हैं, बल्कि कमरे के भीतर मौजूद हवा को भी लगातार स्वच्छ बनाए रखते हैं।
  • फायर पिक्स (Fire Picks): अग्नि सुरक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए इस टीम ने नई तकनीक विकसित करने का दावा किया, जिसका उद्देश्य आग लगने की घटनाओं की रोकथाम और नियंत्रण के पारंपरिक तरीकों को पूरी तरह से बदलना है।
  • एलबैक्ड (Albacked): महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस टीम ने यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए एक आधुनिक और हाई-टेक सुरक्षा उपकरण का मॉडल प्रस्तुत किया।
  • अवांज़ा (Avanza): इस स्टार्टअप ने भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पायजोइलेक्ट्रिक पदार्थों और टर्बोइलेक्ट्रिक नैनो-जनरेटर की हाइब्रिड तकनीक से लैस ‘वॉल पैनल्स’ का विचार रखा, जो बिजली उत्पन्न कर सकते हैं।
  • एडिपिक (Adipic): पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए इन्होंने खाने योग्य, इको-फ्रेंडली और 100% कचरा-मुक्त (Zero Waste) टूथपिक का अनूठा विचार पेश किया।
  • फोल्डस्किन (Foldskin): स्किनकेयर के शौकीनों के लिए भारी-भरकम बोतलों को साथ ले जाने के झंझट से मुक्ति दिलाते हुए इन्होंने एक बेहद सुविधाजनक और पोर्टेबल त्वचा-देखभाल समाधान प्रस्तुत किया।

व्यावसायिक बारीकियों और कौशलों का विकास

​इस प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल आइडिया देने तक ही सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें एक वास्तविक बिजनेस मॉडल तैयार करने का व्यावहारिक अनुभव मिला। छात्रों ने अपने स्टार्टअप के लिए:

  • ​विस्तृत मार्केट रिसर्च (Detailed Research)
  • SWOT विश्लेषण (स्ट्रेंथ, वीकनेस, अपॉर्चुनिटी, थ्रेट)
  • ​भविष्य की संभावनाएं और स्केलेबिलिटी
  • ​निवेश संबंधी वित्तीय योजनाएं (Financial/Investment Plans)
  • ​लक्षित ग्राहक (Target Audience) की पहचान

​इस पूरी प्रक्रिया ने विद्यार्थियों में क्रिटिकल थिंकिंग स्किल्स, रणनीतिक प्लानिंग, पूर्वानुमान लगाने, गहन विश्लेषण करने और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स से मिलने वाले कंस्ट्रक्टिव फीडबैक को स्वीकार करने जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं का विकास किया।

पूर्व छात्रों (Alumni) ने निभाई जजों की भूमिका, पुरानी यादें हुईं ताजा

​इस आयोजन का सबसे विशेष और भावुक आकर्षण यह रहा कि निर्णायक मंडल (Jury) में विद्यालय के ही उन प्रतिष्ठित पूर्व छात्र-छात्राओं (Alumni) को आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने कॉर्पोरेट और बिजनेस जगत में बेहद कम उम्र में बड़ी सफलता हासिल की है। निर्णायकों में शामिल थे:

  1. निमित अग्रवाल: प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूल ISB, हैदराबाद से स्नातकोत्तर (Postgraduate) निमित वर्तमान में अपने सफल पारिवारिक व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
  2. खुशबू सेठी: देश के अग्रणी एथनिक वियर ब्रांड ‘जिसोरा’ (Jisola) की सह-संस्थापक, जिन्हें वर्ष 2024 में प्रतिष्ठित ‘फोर्ब्स 30 अंडर 30 एशिया’ (Forbes 30 Under 30 Asia) की रिटेल एवं ई-कॉमर्स श्रेणी में स्थान मिल चुका है।
  3. जाह्नवी कक्कड़: वर्तमान में कॉर्पोरेट जगत की जानी-मानी फर्म ‘नॉर्थ आई एडवाइजर्स’ में लीगल मैनेजर – लीगल ऑडिट के पद पर कार्यरत हैं।

​लंबे समय बाद अपने स्कूल परिसर में लौटकर तीनों निर्णायक अत्यंत भावुक और प्रसन्न नजर आए। उन्होंने न केवल छात्रों के प्रदर्शन को आंका, बल्कि वास्तविक बाजार की चुनौतियों को समझाते हुए प्रतिभागियों को उनके उत्पादों और बिजनेस मॉडल्स को बेहतर बनाने के लिए कई व्यावहारिक व उपयोगी टिप्स भी दिए।

बहुआयामी कौशल और नवाचारी सोच ही आज के युग की मांग: शिल्पी माथुर

​विद्यालय की वाइस-प्रिंसिपल श्रीमती शिल्पी माथुर ने इस अवसर पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें अपने पूर्व छात्रों पर गर्व है जो वैश्विक पटल पर स्कूल का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने सभी निर्णायकों का आभार व्यक्त किया और छात्र-प्रतिभागियों को उनकी बेहतरीन प्रस्तुतियों के लिए बधाई दी।

​”आज का युग केवल किताबी ज्ञान का नहीं, बल्कि बहुआयामी कौशल (Multi-dimensional Skills) और नवाचारी सोच (Innovative Thinking) रखने वाले युवाओं का है। वाणिज्य विभाग (Commerce Department) का यह प्रयास सराहनीय है, क्योंकि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और उद्यमशीलता की भावना का बीजारोपण करती हैं, जो उन्हें भविष्य के प्रतिस्पर्धी कॉर्पोरेट परिवेश के लिए तैयार करेंगी।”

शिल्पी माथुर, वाइस-प्रिंसिपल

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