नवजात शिशु स्क्रीनिंग जागरूकता पर पोस्टर गैलरी का आयोजन
जयपुर। लोकेंद्र सिंह शेखावत। टेलीग्राफ टाइम्स।
मर्ड इंडिया फाउंडेशन, आईईएम सपोर्ट चैरिटेबल ट्रस्ट और लायंस क्लब जयपुर आदर्शनगर के सहयोग से जवाहर कला केंद्र में नवजात शिशु स्क्रीनिंग के महत्व विषय पर पोस्टर गैलरी का आयोजन किया गया।
मर्ड इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक विकास भाटिया और पूनम भाटिया ने बताया कि उनका सपोर्ट ग्रुप पिछले 15 वर्षों से आईईएम और दुर्लभ बीमारियों की जागरूकता के लिए कार्यरत है। साथ ही सार्वभौमिक नवजात शिशु स्क्रीनिंग को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में लगभग 6 प्रतिशत बच्चे जन्मजात विकारों के साथ पैदा होते हैं। यदि समय रहते नवजात शिशु स्क्रीनिंग कराई जाए तो इन विकारों की पहचान करके बच्चों को सामान्य जीवन दिया जा सकता है।
उन्होंने समझाया कि चयापचय और आनुवंशिक रोग, श्रवण हानि और गंभीर जन्मजात हृदय रोग जैसे विकारों का शीघ्र पता चलने पर उचित निदान और उपचार संभव है। इससे हजारों बच्चों को बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान की जा सकती है।
राजस्थान के आंकड़े
आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में हर साल लगभग 17 लाख बच्चे जन्म लेते हैं, जिनमें से करीब 90 हजार बच्चे विभिन्न प्रकार के जन्मजात विकारों से प्रभावित होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वभौमिक नवजात शिशु स्क्रीनिंग लागू करने से राज्य में हर साल लगभग 30 हजार बच्चों को सामान्य जीवन मिल सकता है।
कार्यक्रम में रखे गए सुझाव
आईईएम सपोर्ट चैरिटेबल ट्रस्ट की सारिका मोदी ने आनुवंशिक रोगों के लिए बीमा उपलब्ध कराने की अपील की। लायन महेंद्र भारती ने कहा कि स्वस्थ बच्चे, स्वस्थ राष्ट्र के लक्ष्य के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करना आवश्यक है। वहीं, रेट सिंड्रोम समूह के समीर सेठी ने दुर्लभ रोगों के लिए उत्कृष्टता केंद्रों में सरल पंजीकरण और बेहतर उपचार की व्यवस्था करने का आग्रह किया।
गैलरी में उत्साह
पोस्टर गैलरी के पहले दिन चिकित्सा पेशेवरों, माता-पिता और लायंस क्लब के सदस्यों सहित सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। गैलरी में विभिन्न पोस्टरों और सूचनात्मक सामग्री के माध्यम से लोगों को यह बताया गया कि नवजात शिशु स्क्रीनिंग क्यों जरूरी है और इससे बच्चों का जीवन किस प्रकार बदला जा सकता है।
यह जागरूकता पोस्टर गैलरी रविवार, 31 अगस्त को भी जारी रहेगी।

