नर्सिंग सेवा के प्रति राष्ट्र का आभार: राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कारों की घोषणा

प्रीति बालानी 

नई दिल्ली: स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में समर्पण, करुणा और अदम्य साहस का परिचय देने वाले ‘स्वास्थ्य योद्धाओं’ को सम्मानित करने के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार की घोषणा की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्थापित यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन नर्सों और प्रसूति सहायिकाओं को दिया जाता है जिन्होंने अपने पेशे में निष्ठा और सेवा की मिसाल पेश की है।

सम्मान और पुरस्कार का स्वरूप

​यह पुरस्कार न केवल एक सम्मान है, बल्कि देश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने में नर्सों के योगदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। प्रत्येक विजेता को निम्नलिखित प्रदान किया जाता है:

  • ​एक प्रशस्ति पत्र
  • 1,00,000 रुपये का नकद पुरस्कार
  • ​एक पदक

​यह सम्मान केंद्र और राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्वयंसेवी संगठनों में कार्यरत पंजीकृत नर्सों (RN), एएनएम (ANM) और महिला स्वास्थ्य परिचारिकाओं को दिया गया है।

पुरस्कार विजेताओं की सूची (प्रमुख नाम)

​इस वर्ष विभिन्न राज्यों और श्रेणियों से चुनी गई कुछ प्रमुख विभूतियाँ इस प्रकार हैं:

क्र.सं.

वर्ग

नाम

राज्य / केंद्र शासित प्रदेश

1

एएनएम

सुश्री कुलविंदर परही

लद्दाख

2

एएनएम

सुश्री उज्वला महादेव सोयम

महाराष्ट्र

3

एएनएम

सुश्री लालेंथांगी हनमते

मिजोरम

7

नर्स

सुश्री पूनम वर्मा

चंडीगढ़

9

नर्स

डॉ. श्रवण कुमार ढाका

दिल्ली

14

नर्स

प्रो. (डॉ.) आर शंकर षनमुगम

तमिलनाडु

15

नर्स

मेजर जनरल लिसाम्मा पीवी

रक्षा

(कुल 15 स्वास्थ्य कर्मियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सूची में स्थान मिला है)

स्वास्थ्य प्रणाली में नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका

​नर्सें स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ हैं। वे न केवल साक्ष्य-आधारित देखभाल प्रदान करती हैं, बल्कि रोगी के हितैषी (Patient Advocate) के रूप में भी कार्य करती हैं। उनकी वैज्ञानिक तर्क क्षमता और आंकड़ों के विश्लेषण की दक्षता उन्हें स्वास्थ्य नीति निर्माण और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में नेतृत्व करने के लिए एक आदर्श स्थिति में रखती है।

सरकार की परिवर्तनकारी पहल: नर्सिंग शिक्षा का आधुनिकीकरण

​प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत सरकार ने इस क्षेत्र को और सशक्त बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं:

  1. राष्ट्रीय नर्सिंग और मिडवाइफरी आयोग अधिनियम: इसके माध्यम से प्रशिक्षण क्षमता का विस्तार और नियामक ढांचे का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
  2. 157 नए नर्सिंग महाविद्यालय: चिकित्सा महाविद्यालयों के साथ समन्वय करते हुए देश भर में 157 नए नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना की जा रही है।
  3. कुशल कार्यबल: इन पहलों का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा सक्षम और सशक्त नर्सिंग कार्यबल तैयार करना है जो बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के साथ देश की स्वास्थ्य प्रणाली को वैश्विक मानकों तक ले जा सके।

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