| नरेश गुनानी
जयपुर, 26 दिसम्बर। जयपुर जिले में महात्मा गांधी नरेगा श्रमिकों को साक्षर बनाने के साथ-साथ अब उन्हें डिजिटल और वित्तीय रूप से भी आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। जिला कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की पहल पर शुरू किए गए ‘नरेगा आखर: साक्षरता से सशक्तिकरण’ अभियान के तहत शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में एक विशेष कार्यशाला और प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

पहले चरण की सफलता: 41 हजार से अधिक श्रमिक हुए साक्षर
जुलाई 2025 में शुरू हुए इस नवाचारी कार्यक्रम के सुखद परिणाम सामने आए हैं। अभियान के तहत 21 सितम्बर 2025 को आयोजित असेसमेंट टेस्ट में जिले के 46,219 निरक्षर नरेगा श्रमिकों ने भाग लिया था। इसमें से 41,290 श्रमिक उत्तीर्ण होकर साक्षरता की श्रेणी में शामिल हुए हैं। कार्यशाला के दौरान प्रत्येक ब्लॉक से उच्च अध्ययन की इच्छुक दो-दो चयनित महिला श्रमिकों को उनकी अंकतालिकाएं भी वितरित की गईं।
जनवरी से शुरू होगा अभियान का दूसरा चरण
’नरेगा आखर’ का दूसरा चरण जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। इसकी रूपरेखा के अनुसार:
- 30 दिसम्बर से 3 जनवरी: पंचायत समिति स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
- 5 जनवरी से 31 जनवरी: साक्षर हो चुके श्रमिकों को वित्तीय लेन-देन और डिजिटल साक्षरता का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- उच्च अध्ययन: जो महिला श्रमिक 10वीं कक्षा तक पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं, उनका साक्षरता एवं सतत् शिक्षा विभाग के माध्यम से सर्वे कर आगे की पढ़ाई शुरू करवाई जाएगी।
कार्यशाला में साझा किए सशक्तिकरण के गुर
कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ग्रामीण विकास) ब्रजमोहन गुप्ता ने की। कार्यशाला में श्रमिकों को “वीबी-जी-राम-जी“ की प्रारंभिक जानकारी देने के साथ-साथ डिजिटल युग की चुनौतियों और बैंकिंग प्रक्रियाओं के बारे में बताया गया। राजीविका की जिला परियोजना प्रबंधक अनुपमा सक्सेना ने महिला श्रमिकों और मेटों को स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
उपस्थिति:
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में जिले के समस्त विकास अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BCEO), कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के CDPO, राजीविका की बैंक सखियां, ग्राम पंचायत प्रशासक, चयनित नरेगा मेट और बड़ी संख्या में महिला श्रमिक उपस्थित रहीं।

