नगर के सेनानियों की नाम पट्टिका गार्डन का उद्घाटन करेंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रिपोर्ट गणपत चौहान, छत्तीसगढ़
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बिलासपुर, 13 नवम्बर। बिलासपुर देश का संभवतः पहला जिला बनने जा रहा है जहां नगर के प्रत्येक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम की पट्टिका लगाकर उनके योगदान को सहेजा जाएगा। शहर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक से लेकर शिव टॉकीज तक नव निर्मित “सेनानी नाम पट्टिका गार्डन” का भव्य उद्घाटन 15 नवंबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर नगर के वरिष्ठ विधायक अमर अग्रवाल भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश बाजपेयी ने बताया कि इस गार्डन का उद्देश्य नगर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सेनानियों को उनके योग्यदान की राष्ट्रीय पहचान दिलाना हमारा नैतिक कर्तव्य है। गार्डन में लगाई गई नाम पट्टिकाएं और सुसज्जित परिसर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देंगे।

बाजपेयी ने बताया कि आगामी 30 नवंबर को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संस्था का छत्तीसगढ़ स्तरीय प्रांतीय सम्मेलन बिलासपुर में आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन अनुभव भवन, ब्रह्मस्पति बाजार स्थित ज्येष्ठ नागरिक संघ कार्यालय में प्रातः 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा। कार्यक्रम की शुरुआत जय स्तंभ पर पुष्पांजलि अर्पण से होगी, इसके बाद 10 बजे राष्ट्रीय ध्वज वंदन और मुख्य सम्मेलन सत्र आयोजित होगा।
इस सम्मेलन में राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र रघुवंशी, वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजेंद्र मोहन शर्मा, संगठन मंत्री कपूर सिंह दलाल, कार्यकारिणी सदस्य राजा भैय्या मिश्रा एवं अरुण सिंह सहित प्रांतीय अध्यक्ष मुरली खंडेलवाल, रिटायर्ड आईईएस गणेश शंकर मिश्रा, रिटायर्ड आईपीएस पी.के. तिवारी सहित विभिन्न जिलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
बाजपेयी ने बताया कि सम्मेलन की तैयारियों के लिए जिला अध्यक्ष डॉ. शकुंतला जितपुरे के निवास पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में संरक्षक ई. रमेंद्र राव बाबा भैय्या, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंद्र प्रकाश बाजपेयी, डॉ. शिवनाथ श्रीवास, एस.डी. मिश्रा, डॉ. उषा किरण बाजपेयी, डॉ. रश्मि जितपुरे, सोनम साहू और इंदर टहलियानी उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में नगर के सभी सेनानी उत्तराधिकारी परिवार आमंत्रित हैं। वहीं 30 नवंबर को होने वाले प्रांतीय अधिवेशन में पूरे प्रांत से बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों के आने की संभावना है। नगर के जनप्रतिनिधियों ने सभी से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अपने पूर्वज सेनानियों के योगदान को नमन करें और इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनें।