जयपुर, 20 अगस्त/ गौरव कोचर/राजस्थान निर्वाचन आयोग द्वारा 19 अगस्त 2026 को घोषित नगरीय निकाय चुनाव कार्यक्रम के तहत जयपुर में होने वाले चुनावों को शांतिपूर्ण, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए जयपुर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह आदेश अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था), जयपुर प्रदीप मोहन शर्मा द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है।
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के लिए प्रथम चरण का मतदान 9 सितंबर 2026, द्वितीय चरण का मतदान 11 सितंबर 2026 तथा मतगणना 14 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है। चुनाव के दौरान सभी वर्गों के मतदाता बिना किसी भय, दबाव अथवा आतंक के अपने संवैधानिक मताधिकार का प्रयोग कर सकें, इसके लिए कानून व्यवस्था एवं लोक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिबंधात्मक प्रावधान लागू किए गए हैं।
सार्वजनिक स्थानों पर हथियार ले जाने पर रोक
आदेश के अनुसार जयपुर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर विस्फोटक, रासायनिक पदार्थ, आग्नेय अस्त्र-शस्त्र जैसे रिवाल्वर, पिस्टल, बंदूक, एम.एल. गन, बी.एल. गन तथा गण्डासा, फर्सी, तलवार, भाला, कृपाण, चाकू, छुरी, बर्डी, गुप्ती, कटार, धारिया, वाघनख तथा अन्य घातक हथियार और लाठी आदि लेकर नहीं चल सकेगा और न ही उनका प्रदर्शन कर सकेगा।
हालांकि ड्यूटी पर तैनात सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल, राजस्थान सिविल पुलिस, चुनाव ड्यूटी में तैनात अर्द्धसैनिक बल, होमगार्ड तथा मतदान दलों में तैनात अधिकारी-कर्मचारी इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। सिक्ख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परंपरा के अनुसार निर्धारित कृपाण रखने की छूट दी गई है।
शस्त्र अनुज्ञापत्र के नवीनीकरण के लिए आदेशानुसार शस्त्र निरीक्षण करवाने अथवा पुलिस थाने में शस्त्र जमा कराने के लिए ले जाने वालों पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। इसी प्रकार निशक्तजन एवं ऐसे बीमार व्यक्ति, जिन्हें बिना लाठी या बैसाखी के सहारे चलना संभव नहीं है, वे चलने के लिए लाठी अथवा बैसाखी का उपयोग कर सकेंगे। राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन के वे सदस्य जो प्रतियोगिता की तैयारी या प्रतियोगिता में भाग लेने जा रहे हैं, उन पर भी यह प्रावधान लागू नहीं होगा।
जुलूस, सभा और राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए अनुमति जरूरी
आदेश में कहा गया है कि संबंधित पुलिस उपायुक्त की स्वीकृति के बिना किसी सार्वजनिक स्थल पर राजनीतिक प्रयोजन से जुलूस, सभा, धरना या भाषण आदि का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। ध्वनि प्रसारण यंत्र के इस्तेमाल के लिए भी संबंधित पुलिस उपायुक्त की अनुमति आवश्यक होगी।
अनुमति प्राप्त होने के बाद ध्वनि प्रसारण यंत्र का उपयोग सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही किया जा सकेगा। आयोजनों के दौरान ऐसा कोई कार्य नहीं किया जा सकेगा, जिससे यातायात व्यवस्था, जन व्यवस्था अथवा जन शांति प्रभावित हो। यह प्रतिबंध शवयात्रा पर लागू नहीं होगा।
भड़काऊ भाषण और चुनाव सामग्री पर रोक
निषेधाज्ञा के तहत साम्प्रदायिक सद्भावना को प्रभावित करने वाले अथवा उत्तेजनात्मक नारे लगाने पर रोक रहेगी। कोई व्यक्ति ऐसा भाषण या उद्बोधन नहीं दे सकेगा जिससे सामाजिक या साम्प्रदायिक तनाव पैदा हो।
ऐसे पम्पलेट, पोस्टर अथवा अन्य चुनाव सामग्री को छापने, छपवाने या वितरित करने पर भी प्रतिबंध रहेगा, जिनसे साम्प्रदायिक सद्भावना प्रभावित होती हो। एम्पलीफायर, रेडियो, टेप रिकॉर्डर, लाउडस्पीकर, ऑडियो-वीडियो उपकरण अथवा अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से भी इस प्रकार का प्रचार-प्रसार नहीं किया जा सकेगा।
सोशल मीडिया पर भी रहेगी निगरानी
फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप, यूट्यूब सहित इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या किसी भी प्रकार का विघटनकारी दुष्प्रचार करने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
आदेश के तहत किसी व्यक्ति को ऐसे कृत्यों के लिए उकसाने या दुष्प्रेरित करने की भी अनुमति नहीं होगी।
सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्तियों पर पोस्टर-बैनर लगाने पर रोक
किसी व्यक्ति या उम्मीदवार के समर्थन अथवा विरोध में सार्वजनिक या राजकीय संपत्तियों पर नारे लिखने, प्रतीक-चित्र बनाने, पोस्टर, होर्डिंग आदि लगाने तथा सार्वजनिक अथवा राजकीय संपत्ति को विरूपित करने पर रोक रहेगी।
सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन पर प्रतिबंध
निषेधाज्ञा के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा का सेवन करने या किसी अन्य व्यक्ति को मदिरा का सेवन करवाने पर रोक रहेगी। किसी को मदिरा सेवन के लिए दुष्प्रेरित करना भी प्रतिबंधित होगा।
अधिकृत विक्रेताओं के अलावा कोई व्यक्ति निजी उपयोग के अतिरिक्त अन्य उपभोग के लिए सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा लेकर आवागमन नहीं कर सकेगा। सूखा दिवस घोषित होने पर मदिरा की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
चुनाव प्रचार वाहनों पर भी नियम लागू
चुनाव प्रचार या प्रसार के दौरान वाहनों से यातायात व्यवस्था बाधित नहीं की जा सकेगी। संबंधित पुलिस उपायुक्त की लिखित पूर्व अनुमति के बिना ध्वनि प्रसारण यंत्र लगे किसी भी वाहन का चुनाव प्रचार के लिए उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
धार्मिक स्थलों का चुनाव प्रचार में उपयोग नहीं
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मंदिर, मस्जिद, गिरिजाघर, गुरुद्वारा अथवा पूजा के अन्य स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
मतदान केंद्र के आसपास प्रचार सामग्री पर रोक
मतदान केंद्र अथवा उसके आसपास किसी भी व्यक्ति द्वारा पहचान पर्ची के नाम पर पोस्टर, झंडे, चुनाव चिन्ह या अन्य विज्ञापन सामग्री का प्रदर्शन अथवा उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
सार्वजनिक सूचना के माध्यम से आदेश का प्रचार
प्रशासन के अनुसार वर्तमान परिस्थितियों में निषेधाज्ञा की व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक व्यक्ति को पालना कराना संभव नहीं है। इसलिए आदेश को पुलिस आयुक्त जयपुर के कार्यालय तथा पुलिस आयुक्त के अधीन सभी पुलिस थानों के सूचना पट्ट और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किया जाएगा।
इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर जयपुर तथा उनके अधीनस्थ कार्यालयों के सूचना पट्ट पर भी आदेश प्रदर्शित किया जाएगा। जयपुर में प्रकाशित होने वाले दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से भी इसकी जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी।
19 अगस्त की मध्यरात्रि से प्रभावी
यह निषेधाज्ञा 19 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि से तत्काल प्रभावी हो गई है और आगामी आदेश तक लागू रहेगी।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निषेधाज्ञा की अवहेलना अथवा उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 में उपबंधित प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह आदेश 19 अगस्त 2026 को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था), जयपुर प्रदीप मोहन शर्मा के हस्ताक्षर एवं कार्यालयीन मुद्रा से जारी किया गया।